गाय तस्कर समझ जिसकी भीड़ ने की हत्या वो रोजा रखने के लिए ला रहा था दुधारू गाय
Thu, 04 May 2017 03:25 PM IST
यूनुस अलवी/अमर उजाला, गुरुग्राम
सार
रोजा रखने की नीयत से दुधारू गाय लाना बना पहलू की मौत का कारण
- आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की उठी मांग
- मेवात की मुस्लिम गोशाला है मिसाल
- बेटियों को दान में देते हैं गाय
- गोभक्त के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं
- मेवात के लिए नोडल ऑफिसर होंगे नियुक्त
रमजान महीने में रोजा रखने की नीयत से राजस्थान से दुधारू गाय लाना गांव जयसिंहपुर निवासी पहलू को भारी पड़ गया। पहलू को क्या पता था कि गाय खरीदना उसकी मौत का कारण बन जाएगा।
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मुस्लिम गोशाला है मिसाल
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मेवात जिला के गांव जयसिंहपुर और आसपास के लोगों में पहलू कि मौत से गम का माहौल है। 27 मई से रोजे शुरू होने वाले हैं। गर्मी के मौसम में जहां भैंस दूध देना कम कर देती हैं वहीं गाय ज्यादा दूध देती है। रोजे रखने के लिये दूध की ज्यादा जरूरत होती है। दुधारू गाय खरीदने के लिये जयसिंहपुर निवासी 55 वर्षीय पहलू पुत्र मोहम्दा, अपने बेटे इरशाद, आरिफ और गांव के अजमत, इरशाद सहित पांच लोग जयपुर में नगर निगम की ओर से लगने वाले मेले से तीन दिन पहले गाय खरीदने के लिये चले गये।
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बेटियों को दान में देते हैं गाय
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- फोटो : ani
उन्होंने पशु मेले से दूध देने वाली पांच गाय खरीदी। पहलू और उसके साथियों ने नगर निगम द्वारा आयोजित मेले से गाय खरीदने और मेवात तक ले जाने की मंजूरी भी मेले के आयोजक और पुलिस से ले ली थी। पांच गाय और उनके बछड़ों को दो अलग-अलग टैंपो में भर कर जब मेवात ला रहे थे तो बहरोड़ के पास उनके साथ गोरक्षकों ने मारपीट की जिसमें पहलू की मौत हो गई।
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- फोटो : ani
कांग्रेस के पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद, कांग्रेस के प्रदेश सचिव साहब खां पटवारी, सुभान खां और अख्तर हुसैन काटपुरी ने राजस्थान की भाजपा सरकार से मांग की है कि आरोपियों कि खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि मेवात गोहत्यारा नहीं बल्कि गोपालक इलाके के नाम से जाना जाता है। आज भी मेवात में एक लाख से अधिक गाय पाली जा रही हैं।
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- फोटो : ani
मेवात के लोगों को है गाय से प्यार
भले ही मेवात के लोगों पर गोहत्या के आरोप लगते हों लेकिन ये भी सच है कि मेवात के लोग गाय से बहुत प्यार करते हैं। मेवात के ढाणा, बूबलहेडी, चांदडाका, बूचाका, मेवली, घाघस, कंसाली, मालब सहित चार दर्जन से अधिक गांवो में हजारों किसान गाय पालन का काम करते हैं। अरावली पर्वत शृंखला के साथ-साथ बसे गांवों में 90 फीसदी लोग गाय पालकर और उसके दूध बेचकर अपना गुजारा चलाते हैं।
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मुस्लिम गोशाला है मिसाल
मेवात जिला के गांव हवननगर में मुस्लिम गोशाला इलाके के लिये एक मिसाल बनी हुई है। इस गोशाला के संचालक अनपढ़ नहीं बल्कि बीटेक और इंजीनियर हैं। मुस्लिम गोशाला संचालक आबिद हुसैन का कहना है कि मेवात के 70 फीसदी मुस्लिम गोपालन से अपना गुजारा चलाते हैं। मेवात के लोगों पर गोहत्या के कलंक को मिटाने के मकसद से उन्होंने इस गोशाला का निर्माण किया है। आज उनकी गोशाला में सौ से अधिक गाय मौजूद हैं।
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- फोटो : ani
समाजसेवी डॉक्टर बशीर अहमद, अबु-बुरहान, मुबारिक नोटकी और मकशूद शिकरवा का कहना है कि मेवात के लोगों का गाय से मोहब्बत आज से नहीं हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मेवात के अधिकतर लोग कृष्णवंशी हैं और पुन्हाना कस्बा बृज के 84 कोस की परिधि में आता है। भगवान कृष्ण के जमाने से ही मेवात के लोग गाय पालते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बेटियों का भात भरने आदि में बेटियों को दान में गाय ही दी जाती हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मेवात के लिये नोडल ऑफिसर होंगे नियुक्त
भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मोहन सिंह अहलूवालिया ने कहा कि जब उनको इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार को आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दे दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने घटना को अंजाम दिया है वो गोभक्त नहीं बल्कि गोभक्ति के आड़ में लुटेरे थे।
ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि मेवात इलाका जिसमें राजस्थान के अलवर, भरतपुर, उत्तर प्रदेश के मथुरा और हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह और रेवाड़ी जिले में नोडल ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे, जब भी कोई गाय पालने के लिए लाए तो उनको सूचना दी जा सके।