थक हारकर पुलिसकर्मियों के साथ वह लेडी हार्डिंग अस्पताल में पहुंचा। यहां शवगृह में शवों की पहचान करते हुए उन्हें 17 वर्षीय मोहम्मद अताबुल मिला, जो उनके चाचा का बेटा है। यह देखकर वाजिद बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन फानन में उसे आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया, लेकिन कुछ देर बाद वाजिद को जब होश आया तो वह चीखने-चिल्लाने लगे।
अपने दोनों भाइयों की पड़ताल में वे देर रात तक लोकनायक अस्पताल के शवगृह में रहे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। वाजिद ने बताया कि पूरे परिवार में वे तीन भाई और एक बहन है। तीनों भाई को छोड़कर बाकी पूरा परिवार बिहार में रहता है।