लोकनायक अस्पताल के बर्न विभाग के बाहर रोता हुआ अलाउद्दीन अपने भाई बबलू, राजू और सोनू की तलाश में था। वह सुबह 11 बजे जब अमर उजाला की टीम से मिला तो उसने आपबीती सुनाई। उसने कहा कि वह तीनों की तलाश कई घंटों से कर रहा है, लेकिन उसकी कोई मदद नहीं कर रहा है।
अमर उजाला की टीम ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, आरएमएल और लोकनायक अस्पताल प्रबंधन से संपर्क कर करीब 10 मिनट बाद बबलू का शव लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में, सोनू आरएमएल में भर्ती और राजू के लापता होने की जानकारी अलाउद्दीन को दी। इस सूचना को पाते ही अलाउद्दीन दौड़ पड़ा। शाम को जब वह वापस टीम को लोकनायक अस्पताल में मिला तो पता चला कि लापता राजू के बारे में उसे देर शाम तक पता नहीं चला था।