बड़खल फ्लाईओवर के पास नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति के दोनों पैर कट गए। उसे गंभीर हालत में बीके सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं।
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खून से लथपथ मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाते समय पर अस्पताल स्टाफ ने मरीज के कटे पैरों को ही उसका तकिया बना दिया। मामला सार्वजनिक होने पर अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टरों ने चुप्पी साध ली।
भूड़ कॉलोनी में रहने वाला प्रदीप (42) एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। वह फैक्ट्री जाने के लिए बड़खल फ्लाईओवर के पास रेलवे लाइन पार कर रहा था। इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों पैर कट गए। उपचार के लिए बीके अस्पताल लाने के बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटाया गया।
तकिया नहीं मिलने पर स्टाफ ने उसके कटे पैरों से सिर को सहारा दिया। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। मामले को लेकर सीएमओ गुलशन अरोड़ा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।