उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार देर शाम जीबीयू में बैठक कर कोरोना और पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे, उसी समय धूममानिकपुर चौकी प्रभारी व दो सिपाही एक युवक को सिर्फ इस बात पर पीट रहे थे कि उसे अपने आसपास हुई मारपीट की घटना के बारे में जानकारी नहीं थी।
युवक की पिटाई की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल होने पर चौकी प्रभारी व दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव धूममानिकपुर में शुक्रवार देरशाम दिलीप सिंह परचून की दुकान से राशन खरीद रहा था।
जब वह घर जाने लगा तभी धूममानिकपुर चौरी प्रभारी और दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। उन्होंने दिलीप से पूछा कि आसपास मारपीट की घटना हुई है क्या? दिलीप ने कहा कि उसे जानकारी नहीं है।
इतने पर चौकी प्रभारी आग-बबूला हो गए और गुस्से में दिलीप को लात मार दी। जब दिलीप ने विरोध किया तो डंडों से पिटाई शुरू कर दी। उसे पीटते हुए चौकी ले गए। बाद में उसे छोड़ दिया गया।
पीड़ित शिकायत लेकर बादलपुर कोतवाली पहुंचा। वहां पुलिसकर्मियों ने तहरीर लेने से इनकार करते हुए दिलीप को कोतवाली से भगा दिया। पुलिस की पिटाई की घटना एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा तो धूममानिकपुर चौकी प्रभारी संजीव कुमार व पुलिस कर्मी अमित कुमार व संदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरीश चंदर का कहना है कि एक महिला के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। उसकी जांच करने के लिए पुलिस वहां गई थी। उसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चौकी प्रभारी व दो पुलिसकर्मी एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस मामले में चौकी प्रभारी व दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।