कॉल सेंटर में टीम ने मारा छापा
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान शुक्रवार देर रात अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर सरगना के साथ 25 युवक-युवतियों को पकड़ा।
कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों को कंप्यूटर/लैपटॉप में एंटी वायरस की वैधता खत्म होने का पॉपअप भेजकर फर्जी तरीके से एंटी वायरस बेचा जाता था। गिरोह के सरगना दिल्ली के हरिनगर निवासी विक्रम वर्मा और उसके साझीदार को पहले भी ऐसे मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।
करीब 8 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने 8 मास्टर कंप्यूटर और लैपटॉप जब्त किए, जिनसे डाटा खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों ने जुलाई से कॉल सेंटर शुरू किया था।
उड़नदस्ते के डीएसपी इंद्रजीत यादव ने बताया कि खुफिया विभाग से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस के साथ देर रात करीब साढ़े 12 बजे सोहना रोड पर जेएमडी मॉल स्थित कॉल सेंटर में छापा मारा।
जांच में पता चला कि कॉल सेंटर 13 जुलाई को शुरू किया गया था। यहां से रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से यूएस के नागरिकों के कंप्यूटर/लैपटॉप में पॉपअप के जरिए एंटी वायरस की वैधता खत्म होने का संदेश भेजा जाता।
इसके बाद उन्हें एंटी वायरस और अन्य सॉफ्टवेयर बेचे जाते थे। इसके बदले भुगतान डॉलर में लिया जाता था। टीम ने कॉल सेंटर में काम करने वाले 19 युवकों व छह युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया। पुलिस गिरोह के सरगनाओं के बैंक खाते खंगाल रही है।