न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने पीड़िता की आपत्ति के बाद याची के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज करने से इंकार कर दिया। पीड़िता के वकील उमेश जोशी ने कहा कि उसकी मुव्वकिल ने पिछली तारीख पर एफआईआर खारिज की सहमति देने से इंकार किया था, लेकिन आरोपी ने पीड़िता की ओर से किसी अन्य वकील को पेश करवा दिया और उसके फर्जी दस्तखत भी कर दिये। इस मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।
नोएडा की कंपनी में कार्यरत थे दोनों पक्ष
थाना कनॉट प्लेस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक आरोपी व पीड़िता 2014 में नोएडा की एक कंपनी में काम करते थे। कनॉट प्लेस में कंपनी की एक पार्टी के दौरान आरोपी ने पीड़िता से कथित तौर पर छेड़छाड़ की थी। उसने इसकी शिकायत संस्थान से कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि उसे क्लीन चिट दे दी गई।
निचली अदालत ने अगस्त में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ की धारा में आरोप तय किये, लेकिन धमकी देने व अभद्र टिप्पणी देने के आरोप से मुक्त कर दिया था। कुछ दिन पहले हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में आरोपी को पुरुष बताया गया था।