दिवाली आने में अब चंद दिन शेष रह गए हैं। इस बार भी सजावट बाजार चाइनीज सामान से पटा पड़ा है। मेक इन इंडिया गायब है। हालांकि चाइनीज आइटम पिछले साल की तुलना में महंगे मिल रहे हैं।
बाजार में इस बार चाइनीज लड़ियों से लेकर दीये तक उपलब्ध हैं। जो लड़ियां पिछले वर्ष 50 से 60 रुपये में मिलती थी वे इस वर्ष 70 से 80 रुपये में मिल रही है। इतना ही नहीं चाइनीज बर्तन, गिफ्ट आइटम व चीनी मिट्टी के बने खिलौने लोगों को खूब भा रहे हैं।
बाजार में खुशबूदार मोम वाले चाइनीज दीये भी उपलब्ध हैं। इनकी खासियत है कि इनको जलाने के बाद इनमें से फलों और फूलों की महक आने लगती है और जब तक इनको जला कर रखा जाता है तब तक इनमें से खुशबू आती रहती है।
दीयों की पैकिंग भी बेहद आकर्षक है। इस वजह से लोग इनको उपहार में भी देने के लिए खरीद रहे हैं। इन दीयों की कीमत 50 रुपये प्रति दीये से लेकर 400 रुपये प्रति सेट तक है। देसी सामान पर चाइनीज की बिक्री भारी पड़ रही है। पूरा बाजार चाइनीज लड़ियों, दीयों एवं अन्य समान से पटा पड़ा है।
एक नंबर मार्केट के दुकानदार संतोष कुमार का कहना है कि बाजार में चुनावों को लेकर अभी मंदी चल रही है। उम्मीद है कि 19 अक्टूबर के बाद ग्राहकों की संख्या बढ़ जाएगी। इस बाद दिवाली पर्व पर महंगाई की मार भी पड़ती दिख रही। इसके चलते लोगों की पहली पसंद चाइनीज सामान बना हुआ हैं।
वहीं मेक इन इंडिया के बारे में पूछने पर सारन गांव निवासी नेहा का कहना है कि दिवाली पर्व पर घरों को सजाने के लिए कपड़े व कागज के चाइनीज फूल, लड़ियां, झालर व अन्य सामान में अधिक लुक है और भारतीय आइटमों से सस्ते भी हैं। चाइना के आइटम चमक-धमक से परिपूर्ण होने के कारए घर में अच्छे लगते हैं।