शहर में करीब आठ वर्ष पूर्व करोडों रूपये की लागत से स्थानीय जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग द्वारा डाली गई सीवर लाईन ने इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
शहर की सड़कों के बीचों बीच ड़ाली गई सीवर लाइन के मुंह फाडे खुले मेन होल के गड्ढो में आए दिन लोगों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
खुलेआम हादसों को दावत दे रहे इन गड्ढो के बंद करने में संबंधित विभाग की कोई दिलचस्पी नही है। जिसके चलते लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
ज्ञात रहे कि अब से आठ वर्ष पूर्व शहर को सीवर लाइन से जोड़ने के लिए स्थानीय जनस्वास्थ्य विभाग ने करोडो रूपये की लागत ने सीवर लाइन का निर्माण कराया था।
लेकिन इसमें हुई भारी अनिमिताओं के बीच यह सीवर लाइन शुरु होने से पहले ही बंद हो गई। इसमें जगह-जगह बने गढ्डों से आम राहगीर इनमें गिरकर आए दिन चोटिल हो रहें हैं।
स्थानीय निवासी, मास्टर हाकम, आलमदीन, उमेश शर्मा, सोहनलाल, चन्दन सैनी, उमर मौहमद, यशपाल, आमीन खान आदि का कहना कि शहर की सडकों के बीचों बीच डाली गई सीवर लाइन संबधित विभाग की लापरवाही के चलते लोगों को फायदा पहुंचाने की बजाए उल्टा परेशानी का सबब बनी हुई है।
लोगों ने बताया कि थोडी सी बारिश में ही सीवर लाइन के धसने से आए दिन वाहन फसने तथा लोगों के घायल होने की घटना सामने आ रही हैं। इसको लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है।
इस विषय पर जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता वली मोहमद ने कहा कि सीवर लाइन के खुले मैनहोल को बंद करने के लिए तुरंत कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए हैं। इन्हें सोमवार तक बंद करा दिया जाएगा।