दिल्ली की एक अदालत ने नौकरानी हत्याकांड में करीब 10 माह बीतने के बावजूद फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पेश नहीं करने पर पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने संयुक्त पुलिस आयुक्त को समन जारी कर तलब किया है।
इस मामले में जौनपुर के पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी जागृति सिंह आरोपी हैं। पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार ने कहा कि पुलिस हत्या जैसे गंभीर मामले में गंभीर नहीं है। फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं आने के कारण अभी तक आरोपियों के खिलाफ अभियोग तय करने के मुद्दे पर सुनवाई शुरू नहीं हो पाई।
अदालत ने संयुक्त पुलिस आयुक्त को 24 सितंबर तक पेश होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इससे पूर्व चाणक्यपुरी थानाध्यक्ष ने बिना फोरेंसिक रिपोर्ट के अपनी जांच प्रगति रिपोर्ट पेश की। वे फोरेंसिक रिपोर्ट पर जवाब नहीं दे पाए।
इस मामले में सांसद की पत्नी जागृति के खिलाफ नौकरानी राखी की हत्या, अन्य नौकरों की हत्या के प्रयास, जबरन बंधक बनाने, बंधुआ मजदूर बनाने, साक्ष्य नष्ट करने, जान से मारने की धमकी देने के आरोपपत्र दायर हैं। इसके अलावा धनंजय पर अपराध के लिए पत्नी को उकसाने और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में मामला विचाराधीन है।
यह हत्याकांड 4 नवंबर 2013 को सांसद के राउज एवन्यू स्थित आवास में हुआ था। सांसद धनंजय पर कड़कड़डूमा अदालत में एक महिला से रेप करने का मामला भी विचाराधीन है और अदालत ने हाल ही में इस मामले में अभियोग तय कर दिए थे। आरोपी दंपति जेल में है।