दिल्ली में अस्सी साल की महिला और उसके बेटे को दहेज प्रताड़ना का दोषी ठहराते हुए महिला कोर्ट ने दो साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी एकता गाबा ने प्रेमो देवी और उसके बेटे राजेश कुमार को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और विश्वासघात का दोषी ठहराते हुए शनिवार को सजा सुनाई।
अदालत ने राजेश के चचेरे भाई को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने मां-बेटे पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। अभियोजन के मुताबिक अनीता ने जुलाई 1996 में प्रेमो देवी और राजेश के खिलाफ जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।