24 घंटे बाद आठ साल की माही के दिल को आखिरकार एक मासूम बच्चे का शरीर मिल ही गया। लंबा इंतजार होने के कारण माही की आंखें दान नहीं हो सकीं, लेकिन उसका दिल चैन्नई के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती एक बच्चे के शरीर में धड़का।
मंगलवार करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर की मदद से डॉक्टरों की टीम को चैन्नई रवाना किया। माही के दादा बलराज ने बताया कि सोमवार दोपहर ब्रेन डेड होने के बाद शाम पांच बजे से पूरा परिवार बच्ची के अंगदान करने की प्रतिक्षा कर रहा था।
करीब 24 घंटे बाद अस्पताल में बच्ची का दिल दान हो सका। लंबा वक्त होने के कारण आंखें दान नहीं की जा सकीं। उन्होंने बताया कि फोर्टिस अस्पताल में भर्ती छह साल के एक बच्चे को दिल दान किया है। डॉक्टरों से उन्हें पता चला कि बच्चा बहुत दिन से वहां भर्ती है।
आज रोहतक में होगा अंतिम संस्कार
माही के पिता प्रवीण रोहतक के पास चिमनी गांव निवासी हैं। इसलिए बुधवार सुबह वह शव का वही पर अंतिम संस्कार करेंगे। माही की मौत से पूरा परिवार बेहद दुखी है, लेकिन उसके अंगदान कर वह खुद को गर्वित भी महसूस कर रहा है। पूरा परिवार माही को उस बच्चे के रूप में जीवित देख रहा है।