जीडीए, रेलवे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खनन माफियाओं से मिलकर लाखों के वारे-न्यारे किए। जीडीए ने कलक्ट्रेट में बनने वाली मल्टीलेबल पार्किंग की मिट्टी बिना रायल्टी खनन माफियाओं को बेच दी।
सरकारी योजनाओं में अवैध बालू और मिट्टी खनन कराने वालों को संरक्षण देकर बालू का प्रयोग किया गया। डीएम ने तीनों विभागों को नोटिस जारी कर करीब दो करोड़ का जुर्माना लगाया है। एक सप्ताह में जुर्माना जमा न करने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इसके लिए चार हजार की स्टांप चोरी और 80 हजार की रायल्टी चोरी की गई। मल्टीलेबल पार्किंग के निर्माण में माफियाओं से बालू खरीदा गया। इसके लिए जीडीए पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
जीडीए से 25 लाख 84 हजार रुपये का वसूला जाएगा। सिंचाई विभाग ने हिंडन बैराज से एनएच-24 तक पुश्ता बनवाया है। इसमें माफियाओं को मिट्टी का अवैध खनन कराया गया और माफियाओं से बालू खरीद कर प्रयोग की गई।
डीएम ने सिंचाई विभाग पर 1. 5 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसी तरह रेलवे ने आगरा-कानपुर वे, झांसी कानपुर रेलमार्ग के दोहरी करण और कानपुर-दिल्ली रेलमार्ग फ्रेट कोरिडोर के विस्तार में प्रयोग किए गए मिट्टी बालू में माफियाओं को फायदा पहुंचाया गया। इसके लिए रेलवे पर करीब 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के मामले में जीडीए, सिंचाई विभाग और रेलवे को नोटिस जारी किया गया है। जुर्माना-रायल्टी जमा न करने पर तीनों विभागों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - विमल कुमार शर्मा, डीएम