साइबर सिटी के महिला थाने में चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस बनकर तैयार हो गया है। सेक्टर 51 महिला थाने में बने इस चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस का लाभ थाने में आने वाले बच्चों को मिल रहा है। बच्चों की देखभाल के लिए अलग-अलग शिफ्ट में दो महिला सिपाही को लगाया गया है।
इसके बनने की प्रक्रिया पिछले पांच महीनों से चल रही थी। यह प्रदेश का पहला ऐसा थाना है, जहां बच्चों को इस तरह का माहौल दिया जाएगा। बच्चों के लिए यहां पढ़ने, खेलने और आराम करने की सुविधा उपलब्ध है।
खास बात ये है कि ड्यूटी के समय महिला कांस्टेबल के बच्चे भी यहां खेल सकेंगे। खासतौर पर ये चाइल्ड फ्रेंडली स्पेस उन बच्चों के लिए बनाया गया है, जो किसी प्रकार की घरेलू हिंसा या यौन शोषण के शिकार हुए हैं। यहां के घरेलू व फ्रेंडली माहौल में बात करके अधिकारी अधिक जानकारी जुटा सकेंगे।
अभी तक बच्चों को पुलिस की वर्दी देखकर दहशत रहती थी
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अभी तक बच्चों को पुलिस की वर्दी देखकर दहशत रहती थी लेकिन अब वह आसानी से पूछताछ कर सकेगी। ऐसा करने से पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में आसानी होगी।
अक्सर देखा जाता है कि अपराध का शिकार हुए बच्चे पुलिस थाने में जाने से घबरा जाते हैं। बच्चे अपने साथ हुए अपराध या यौन शोषण की घटना से इतने सहमे हुए होते हैं कि वह पुलिस के सामने अपना दर्द भी बयां करने से डरते हैं।
इस कारण पुलिस को पूरी बात पता नहीं चल पाती और इसका फायदा अपराधी उठा लेते हैं। कई बार पारिवारिक कलह के चलते भी थाने में मामला दर्ज कराने आईं महिलाओं के साथ बच्चे होते हैं।
हर रविवार को मां बच्चे को पिता से मिलाने के लिए थाने में लाती है
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रविवार को महिला थाने में एक बच्चा अपनी मां के साथ अपने पिता से मिलने के लिए आया हुआ था। उसके माता-पिता का कोर्ट में केस चलने के कारण कोर्ट से पिता ने मिलने की अनुमति ले रखी है।
हर रविवार को मां बच्चे को पिता से मिलाने के लिए थाने में लाती है। बाप-बेटे को मिलने के लिए पुलिस ने फ्रेंडली स्पेस में जाने को कहा। वहां जाते ही बच्चे का चेहरा खिल उठा और वह झुला झूलने में मस्त हो गया।
एसीपी धारणा यादव का कहना है कि रोजाना 10 से अधिक मामलों की सुनवाई होती है। सुनवाई के दौरान उनके बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई है।