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कुत्ते ने तीन को काटा, लोगों ने पीटकर मार डाला

Mon, 01 Jun 2015 12:33 PM IST
अमर उजाला, लोनी
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परमहंस विहार कालोनी में पागल कुत्ते ने जमकर उत्पात मचाया। रविवार को कुत्ते ने कालोनी के तीन लोगों को काटकर घायल कर दिया। इतना ही नहीं भगाने गए करीब आधा दर्जन लोगों को उसने काटने का प्रयास किया।
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इसके बाद गुस्साए लोगों लाठी-डंडों से पीटकर कुत्ते को मार डाला। परमहंस विहार में पिछले कई दिनों से एक कुत्ते ने आतंक मचा रखा था। लोगों का कहना है कि कुत्ता पिछले एक माह में दर्जनभर से अधिक लोगों को काट चुका है।

रविवार को कुत्ते ने इलाके में विपिन, नंदकिशोर, चिंटू को काट लिया। नीलू और अन्य लोगाें ने उसे भगाने की कोशिश की तो वह झपट पड़ा। उसने अन्य लोगों को भी काटने का प्रयास किया।
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इसके बाद लोग कुत्ते पर टूट पड़े। लोगों ने उसे घेरकर मार डाला। लोगों ने बताया कि नगरपालिका के लोगाें को शिकायत की गई है। मगर आवारा कुत्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि कुत्तों की नसबंदी का अभियान चलाया जाता है। कुत्तों को बंद करने या मारने की व्यवस्था नहीं है।

गर्मी आते ही बढ़े कुत्तों के काटने के मामले
बीती 1 मई को कुत्तों के गैंग ने वसुंधरा में दो लोगों को काट दिया था। पशुचिकित्सक डा. अमित कुमार ने बताया कि गर्मियां आते ही मानव मस्तिष्क की तरह कुत्ते और अन्य जानावर भी आक्रामक हो जाते हैं। किसी के जरा भी छेड़ने पर वह हमला कर देते हैं। ऐसे में सावधानी ही बचाव है।

श्वान आश्रम भी बना दिखावा
उधर, लोगों का आरोप है कि गाजियाबाद नगर निगम ने लाखों खर्च कर नंदग्राम में श्वान आश्रम बनवाया था। बावजूद इसके कुत्तों की बर्थ कंट्रोल नहीं हो रही है।

लोनी नगरपालिका के पास कुत्तों के पकड़ने के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

कुत्तों और बंदरों का खौफ, डरने लगे लोग
कुत्तों और बंदरों का आतंक इस कदर हो गया है कि लोग इनसे डरने लगे हैं। मोरटा गांव में बौखलाए बंदर ने बीते महीने ही एक बच्चे की गला दबाकर जान ले ली। बीते महीने ही सिंहानी गांव में बंदरों ने पांच साल के एक बच्चे का गला दबाने की कोशिश की।

मार्च महीने में एक आवारा कुत्ते ने संजय नगर में तीन लोगों को काटकर घायल कर दिया था। बंदरों और कुत्तों के स्वभाव में आ रहे परिवर्तन और उनके हमलों के बाद अब लोगों में दहशत बनने लगी है।

आवारा कुत्तों और बंदरों के डर से बच्चों ने अकेले घर के आंगन में भी खेलना छोड़ दिया है। पटेल नगर निवासी अंकित शर्मा का कहना है कि बंदरों के डर से अब छत पर भी जाने से डर लगने लगा है।

गलियों में आवारा कुत्तों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि देर रात घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बार ये कुत्ते लोगों पर हमला कर चुके हैं।

नगर निगम का डॉग बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम भी कुत्तों की संख्या में कमी नहीं ला सका है। उधर, नगर आयुक्त अब्दुल समद का कहना है कि वे श्वान आश्रम का निरीक्षण कर प्राइवेट संस्था द्वारा चलाए जा रहे प्रोग्राम की समीक्षा करेंगे।
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