आजादी का नया तराना प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार की श्रेणी में विजेता बने हैं आगरा के लक्ष्मीनारायण उर्फ एलन कश्यप। तो वहीं सर्वश्रेष्ठ गीतकार की श्रेणी में हरियाणा के भिवानी निवासी 73 वर्षीय डॉ. सत्य नारायण शर्मा और सर्वश्रेष्ठ गायक की श्रेणी में पुरस्कार जीता है प्रयागराज की दिव्या श्रीवास्तव ने।
आजादी की वर्षगांठ के अवसर पर प्रतिष्ठित मीडिया समूह अमर उजाला मां तुझे प्रणाम अभियान के अंतर्गत इस बार आपके बीच लेकर आया आजादी का नया तराना प्रतियोगिता। आप सभी को बेसब्री से इसके विजेताओं का इंतजार था। तो अब इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी हैं।
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हम आपके सामने उन तीन नामों की घोषण कर रहे हैं जिन्होंने देशभक्ति से भरे इस तराने को तैयार करने की प्रतियोगिता में बाजी मारी है। इस प्रतियोगिता के लिए 3,500 से अधिक प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया। इनमें अलग-अलग तीन श्रेणी के विजेताओं का चयन करने में मुख्य जज की भूमिका निभाई है जाने माने सितारे गायक पदमश्री कैलाश खेर ने।
इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार की श्रेणी में विजेता बने हैं आगरा के लक्ष्मीनारायण उर्फ एलन कश्यप। तो वहीं सर्वश्रेष्ठ गीतकार की श्रेणी में हरियाणा के भिवानी निवासी 73 वर्षीय डॉ. सत्य नारायण शर्मा और सर्वश्रेष्ठ गायक की श्रेणी में पुरस्कार जीता है प्रयागराज की दिव्या श्रीवास्तव ने।
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कैलाश खेर ने सभी विजेताओं को दी शुभकामनाएं
विजेताओं के नाम की घोषण करते समय कैलाश खेर ने कहा कि इस प्रतियोगिता के जरिए उन्हें अनगिनत संगीतकारों, शानदार गीतकारों और दिल को छूने वाली आवाज सुनने और पढ़ने का मौका मिला। सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार जीतने वाले लक्ष्मीनारायण की मेलोडीज ने दिल को छुआ है। उनके मातृभूमि के प्रति समर्पण को सलाम करते हैं।
कैलाश खेर ने कहा कि 73 वर्ष के डॉ. सत्यनारायण शर्मा के देशभक्ति से भरे शब्द हमारे दिलों में देशप्रेम की भावना को बढ़ाते हैं। उनके जज्बे को सलाम है। तो वहीं सर्वश्रेष्ठ गायक के लिए पुरस्कार जीतने वाली दिव्या श्रीवास्तव ने अपनी सुरीली आवाज से स्वतंत्रता और देशप्रेम की भावना को महसूस कराया है।
कैलाश खेर ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं देने के साथ ही कहा कि जल्द ही तीनों विजेताओं को एक साथ आने का मौका मिलेगा, सभी मिलकर एक ऐसा गीत बनाएंगे जो हमारी राष्ट्रीय भावना और एकता का प्रतीक होगा।
हरियाणा के डॉ. सत्य नारायण सर्वश्रेष्ठ गीतकार, 3,500 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
विजेता बोले शुक्रिया अमर उजाला
इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार जीतने वाले हरियाणा निवासी 73 वर्षीय डॉ. सत्य नारायण शर्मा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत हैं। उन्होंने बताया कि 18 साल की उम्र से ही उनको कविताएं, गीत लिखने का शौक हो गया। पढ़ाई के दिनों में कुछ परफार्मेंस भी दिए। लेकिन आज तक इतना बड़ा मंच नहीं मिला जो इस उम्र में आकर अमर उजाला ने दिया है।
इसके लिए तहे दिल से अमर उजाला को शुक्रिया। वहीं सर्वश्रेष्ठ संगीतकार की श्रेणी में पुरस्कार जीतने वाले लक्ष्मीनारायण कश्यप उर्फ एलन कहते हैं कि महज 12-13 साल की उम्र में ही इंडियन क्लासिकल म्यूजिक से जुड़ाव हो गया था। वर्ष 2017-18 के दौरान एक म्यूजिक कंपनी ने एल्बम गीत में कम्पोजर का अवसर दिया, लेकिन इसके अलावा इतना बड़ा मौका नहीं मिला। अब अमर उजाला ने इतना बड़ा मंच दिया है। यह जीवन की बड़ी उपलब्धि है।
सर्वश्रेष्ठ गायक की श्रेणी में पुरस्कार जीतने वाली 28 वर्षीय प्रयागराज की दिव्या श्रीवास्तव क्लासिक म्यूजिक में ही पीएचडी कर रही हैं। कक्षा 9 में थी तभी से संगीत की दुनिया से जुड़ाव हो गया था। लेकिन यह पहला मौका है जबकि उनकी आवाज को पूरी दुनिया सुनेगी। और यह अवसर मिला है सिर्फ अमर उजाला की वजह से।
विजेता तैयार करेंगे मां तुझे प्रणाम का थीम सॉन्ग, 31 को किया जाएगा लॉन्च
अब 31 अगस्त को अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम अभियान का थीम सॉन्ग लॉन्च किया जाएगा। इस गीत को प्रतियोगिता के तीनों विजेता एक मंच पर आकर तैयार करेंगे। इसके प्रोडक्शन में टैलेंट पार्टनर मुगाफी की अहम भूमिका रहेगी। अमर उजाला की इस प्रतियोगिता के लिए 16 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रविष्टियां ली गई थीं। आजादी का नया तराना प्रतियोगिता में देश भर से 3500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया था।
मुगाफी जो कि इस कार्यक्रम में टैलेंट पार्टनर है उसकी टीम ने दिन-रात मेहनत कर इनमें से कुछ लोगों को शॉर्टलिस्ट किया और फिर उनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन किया कैलाश खेर ने। अमर उजाला का यह खास कार्यक्रम कला धाम और नई उड़ान के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें अमर उजाला काव्य कैफे कंटेंट पार्टनर और मुगाफी टैलेंट पार्टनर की भूमिका में है।