कोविड-19 की जांच रिपोर्ट में लेटलतीफी पर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सख्त नाराजगी जताई है। उपराज्यपाल का निर्देश है कि इस बारे में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में किसी को नहीं बख्शा जाएगा। दूसरी तरफ उपराज्यपाल ने केंद्र सरकार और निजी अस्पतालों से तालमेल बनाए रखने के लिए दो नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं।
इससे पहले मंगलवार को उपराज्यपाल ने कोविड-19 से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। नाराजगी जाहिर करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि प्रयोगशालाओं से कोविड टेस्ट रिपोर्ट में देरी की सूचना मिल रही है। इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाशत नहीं होगी।
उन्होंने जिम्मेदार व दोषी प्रयोगशालाओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ उपराज्यपाल ने दो नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसकी जिम्मेदारी निजी और केंद्र सरकार के अस्पतालों के साथ कोविड-19 के आंकड़ों से जुड़ी सूचनाओं से शीघ्र व सटीक आदान-प्रदान करना है। इससे किसी स्तर पर कोई गलतफहमी कोरोना वायरस के संक्रमण पर नहीं होगी।
निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी आईएएस उदित प्रकाश राय और केंद सरकार के एम्स, सफदरजंग, आरएमएल और लेड हॉर्डिंग अस्पताल के नोडल अधिकारी आईएएस रवि धवन होंगे।