फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी के विधायक तलाश रहे ‘नमो दल’ की चाभी

Fri, 16 Jan 2015 08:54 AM IST
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
‘आम चुनाव के बाद झारखंड और जम्मू-कश्मीर में भी मोदी लहर का असर देखने के बाद विभिन्न दलों से जुडे़ नेताओं का मन भी बदलने लगा है।
विज्ञापन


देश की राजनीति में विशेष महत्व रखने वाले यूपी से भी कई विधायक और पूर्व विधायक अब भाजपा में शामिल होने की चाभी तलाश रहे हैं। इनमें से कई ने वरिष्ठ नेताओं से संपर्क भी किया है।

पश्चिमी यूपी के कई विधायकों के साथ ही गाजियाबाद से भी एक विधायक इस सूची में शामिल हैं।’ यह कहना है यूपी भाजपा के प्रभारी ओम माथुर का।

बृहस्पतिवार को पश्चिमी यूपी के 19 जिलों से आए पार्टी जिला-महानगर अध्यक्षों और महामंत्रियों की बैठक लेने गाजियाबाद पहुंचे पाटी के यूपी प्रभारी ओम माथुर यह इशारा कर गए।
विज्ञापन


हालांकि उनका यह भी कहना था कि पार्टी की नीतियां बिलकुल स्पष्ट हैं। पार्टी किसी भी ऐसे व्यक्ति को संगठन में जगह नहीं देगी, जिनकी छवि खराब हो।

गाजियाबाद से ऐसे किसी विधायक की बाबत पूछे जाने पर उन्होंने मुस्कुराकर कहा कि अभी कुछ दिन इंतजार करो, कई नए चेहरे भाजपा के पाले में खडे़ नजर आएंगे। गाजियाबाद से भी एक विधायक पार्टी पदाधिकारियों के संपर्क साध रहे हैं।

बता दें कि अपने सदस्यता अभियान को ‘महापर्व’ की संज्ञा देकर भाजपा यूपी में हाथ, हाथी और साइकिल को झटका देने की तैयारी में जुट गई है।

देश भर में चलाए जा रहे इस सदस्यता अभियान में अकेले यूपी से ही भाजपा 20 फीसदी सदस्य बनाने के लिए यहां दो करोड़ सदस्य बनाए जाने का लक्ष्य यूपी प्रभारी ने पार्टी पदाधिकारियों को दिया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता की बढ़ सकती है बेचैनी
गाजियाबाद से भी एक विधायक के भाजपा में शामिल होने की जुगत वाली खबर के साथ ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं में बेचैनी बढ़ सकती है। दरअसल गैर दल के विधायक भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।
विज्ञापन


इस सीट पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अपना दावा ठोंकते हुए चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। पार्टी इस सीट पर किसी जाति-वर्ग विशेष को ही टिकट देगी और दोनों ही दावेदार एक ही जाति-वर्ग से संबंध रखते हैं।

ऐसे में अगर गैर दल के विधायक भाजपा में शामिल होते हैं तो निश्चित रूप से पूर्व विधायक की बेचैनी बढे़गी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें