डॉ. एसके सरीन
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माता-पिता को यदि मोटापे की समस्या है तो 97 फीसदी आशंका है कि बच्चे में भी मोटापे की समस्या रहेगी। मोटापा बच्चे को फैटी लीवर का रोगी बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में अस्वस्थ जीवन शैली मोटापे के साथ फैटी लीवर की समस्या को बढ़ा रहा है। करीब 40 फीसदी लोगों में फैटी लीवर की समस्या है। डॉक्टर इसे आने वाले समय में महामारी के तौर पर देख रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए सोमवार को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर एम्स, यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) सहित अन्य संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
आईएलबीएस के कुलपति डॉ. एसके सरीन ने कहा कि अगर माता-पिता मोटे हैं तो 97 फीसदी मामलों में बच्चे में मोटापा होने की आशंका है। इस समस्या से बचने के लिए फैमिली प्लानिंग करने से पहले स्वास्थ्य की जांच करवाना चाहिए। इस जांच से वह आने वाले बच्चे को स्वस्थ बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिल्ली में 6 हजार लोगों पर किए गए सर्वे में आधे लोग में फैटी लीवर की समस्या पाई गई थी। इससे बचने के लिए हमें जीवन शैली को सुधारना होगा। यह समस्या अब महामारी का रूप ले चुकी है। फैटी लिवर से मधुमेह, रक्तचाप, दिल के रोग सहित कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या नहीं सुधरी तो यह सिरोसिस और लीवर फेलियर का कारण बन सकता है।
बढ़ रहा है शराब का सेवन
एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. प्रमोद गर्ग ने कहा कि हेपेटाइटिस में लीवर में सूजन आ जाती है। इस समस्या के लिए वायरल संक्रमण के अलावा शराब का सेवन व फैटी लीवर बड़ी समस्या है। वायरस के इन्फेक्शन से बचाव के लिए दवाएं हैं। जबकि देश में शराब का सेवन तेजी से बढ़ा। वहीं फैटी लीवर की समस्या तेजी से बढ़ी है। लीवर में समस्या के लिए पहले शराब बड़ी चुनौती थी, लेकिन बिना शराब के भी लीवर में बढ़ रहे रोग बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना होगा।
खानपान में बदलाव से दूर हो सकती है समस्या
एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. शालीमार ने कहा कि लीवर में हुई समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। यदि समय रहते खान-पान में सुधार कर लें तो इससे बच सकते हैं। शरीर से श्रम करें तो लीवर से जुड़े रोगों को ठीक कर सकते हैं।
जांच से चलेगा रोग का पता
एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. दीपक गुंजन ने कहा कि अल्ट्रासाउंड से लीवर की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। कुछ ब्लड टेस्ट से भी लीवर की समस्याओं को पकड़ा जा सकता है। यदि समय पर रोग की पकड़ हो जाए तो उचित इलाज उपलब्ध है। वहीं मधुमेह के मरीज में लीवर की समस्या तेजी से बढ़ती हैं। देश में मधुमेह के साथ फैटी लीवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह दोनों ही खतरनाक हो सकता है। इससे बचने के लिए संतुलित आहार लें। नियमित व्यायाम करें।