धीरे-धीरे मतदान की तारीख नजदीक आती जा रही है, ऐसे में उम्मीदवारों के दिल की धड़कने भी बढ़ने लगी हैं। नेताजी ने चुनावी अखाड़े में बाजी मारने के लिए कसरत तेज कर दी है।
गली-मुहल्लों में प्रचार के अलावा अब पार्कों में भी चुनावी चौपालें लग रही हैं। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए नेताजी इन दिनों मॉर्निंग वॉक के जरिये वोटरों को लुभाने में जुटे हैं।
सेक्टर-15 का अमिताभ पार्क हो या फिर बाकी सेक्टरों के पार्क, सबका नजारा इन दिनों बदला-बदला सा है। चुनाव प्रचार में जुटे लगभग सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी आजकल इन पार्कों में मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करते नजर आ रहे हैं।
नेता जी फिट फॉर्मूला भी हिट
पार्कों में चुनावी चौपाल लगाने का फॉर्मूला खासा कामयाब साबित हो रहा है, क्योंकि नेताजी जब दिन में प्रचार के लिए गली-मुहल्लों में पहुंचते हैं तो अधिकांश नौकरी पेशा लोग नहीं मिलते।
ऐसे में सुबह और शाम पार्कों में जुटने वाली भीड़ को प्रत्याशी वोट बैंक से कम नहीं आंक रहे हैं। एक के बाद एक सभी प्रत्याशी वॉक एंड टॉक के फॉर्मूले को अपना रहे हैं।
चुनाव नजदीक आते ही मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। चढ़ते पारे के बीच गांव-गांव, सेक्टर-सेक्टर जाकर चुनावी अलख जगाने में नेताजी के साथ उनके समर्थकों का भी पसीना छूट रहा है।
इसलिए ले रहे हैं पार्कों का सहारा
प्रचार में जुटे प्रत्याशियों की मानें तो जो लोग दिनभर कामकाज में व्यस्त रहते हैं उनसे मिलने के लिए मॉर्निंग या ईवनिंग वॉक सबसे सही समय है। जितनी सहजता के साथ सुबह-शाम लोगों से बात हो जाती है उतनी सहजता से दिन में नहीं हो पाती।
इसके अलावा कामकाजी लोग किसी चुनावी रैली में नहीं पहुंचते और उनके घर में मिलने का समय भी कोई तय नहीं होता। ऐसे में मॉर्निंग वॉक उनकी सेहत के साथ ही राजनीतिक माहौल लेने के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।