छात्रों को संसद आने का दिया निमंत्रण
ओम बिरला ने छात्रों को लोकतंत्र के मंदिर में आने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि तानाशाह राज कभी आगे नहीं बढ़ा है। दुनिया में जहां भी तानाशाही आई, उस देश की स्थिति देख रहे हैं। जिस देश के अंदर लोकतंत्र मजबूत होता रहा वह देश आगे बढ़ता रहा।
भारत के अंदर लोकतंत्र की ताकत बहुत बड़ी है। यह सब के जीवन में होनी चाहिए। एसआरसीसी की उप प्रधानाचार्य डॉ. अरुणा झा ने कहा कि हम 100 साल पूरे कर रहे हैं। इन्हीं छात्र में से कोई निकलेगा जो बदलाव, नवाचार, नेतृत्व में योगदान करेगा। भारत समृद्ध और विकसित बनेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा- सकारात्मक दिशा की ओर जिद्द होनी चाहिए
ओम बिरला ने कहा कि यह सामर्थ्य और आत्मविश्वास जीवन में हर व्यक्ति के अंदर होना चाहिए, जिसमें यह आत्मविश्वास होता है वही बदलाव लाता है, इसलिए जिद होनी चाहिए, लेकिन सकारात्मक दिशा की ओर जिद्द होनी चाहिए। जिद जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाती है। शिक्षा हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करती है। आध्यात्मिक ज्ञान भी आंतरिक ऊर्जा देता है।
खुद का किस्सा सुनाया
ओम बिरला ने खुद का एक किस्सा सुनाते हुए छात्रों को बताया कि स्कूल समय से राजनीतिक और सामाजिक जीवन का शौक था। आठवीं कक्षा में स्कूल के अध्यक्ष थे। उस समय जब कोई साइंस और गणित लेता था तो माहौल अलग होता था। मगर मैंने अपनी दिशा तय कर रखी थी। सामाजिक-राजनीतिक जीवन में जाना है। मुझे कॅरिअर बनाने का शौक नहीं था। इतना पढ़ा कि सिर्फ पास हो जाऊं। कॉलेज के पहले वर्ष में महासचिव बना। दूसरे वर्ष में एक वोट से चुनाव हार गया।