नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एंप्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड के अध्यक्ष अरमान अली ने बताया कि, पिछले पांच वर्षों में रोड ट्रांसपोर्ट में कोई सुधार नहीं हुआ है। दिव्यांग आज भी सार्वजनिक रोड परिवहन को प्रयोग करने के लिए दूसरों पर आश्रित हैं। सरकार को दिव्यांगों की पहुंच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तक बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा। दिव्यांगों के लिए अनुकूल बस रैंप और बस स्टैंड बनाने चाहिए।
दिल्ली की सड़कों पर अतिक्रमण है सिस्टम की बीमारी
यूनाइटेड आरडब्ल्यूए ज्वाइंट एक्शन के अध्यक्ष अतुल गोयल का कहना है कि, सरकार सड़कों पर फैले अतिक्रमण को हटाने पर ध्यान नहीं देती, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, दिल्ली में बसों की संख्या दिनों-दिन कम होती जा रही है। जगह-जगह सड़कों पर अवैध पार्किंग भी एक बड़ी परेशानी है। ट्रांसपोर्ट विभाग को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
दिव्यांगों के लिए घटाया जाए मेट्रो किराया
एसोसिएशन फॉर डिसेबल्ड पीपल के संयुक्त सचिव प्रदीप राज का इस बारे में कहना है कि, दिल्ली में दिव्यांग छात्र काफी संख्या में दूर-दूर से पढ़ने आते हैं। बसों की कमी के कारण छात्रों को मेट्रो का सहारा लेना पड़ता है। सरकार को सभी बसें दिव्यांग अनुकूल खरीदनी चाहिए ताकि वह अपने घर से निकलकर दफ्तरों तक बसों का प्रयोग करने में सक्षम महसूस कर सकें। वहीं दिल्ली मेट्रो का कि राया दिव्यांग छात्रों के लिए कम किया जाना चाहिए।