लॉकडाउन के दौरान महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और बाल शोषण के बढ़ते मामलों में पीड़ितों की मदद के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि पतियों द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, लॉकडाउन के कारण पीड़ित महिलाएं किसी से मदद भी नहीं ले पा रही हैं।
याचिका ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ ह्यूमन राइट्स, लिबर्टीज एंड सोशल जस्टिस की ओर से तीन वकीलों मिथू जैन, अर्जुन सयाल और विदिशा कुमार के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में महिलाओं के साथ हो रही हिंसा और बाल शोषण को रोकने की गुहार लगाई गई है।
महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी एक साथ घरों में हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। महिलाओं का उनके परिवारों और दोस्तों से संपर्क भी टूट चुका है, उन्हें कहीं से भी मदद नहीं मिल सकती। याचिका में कहा गया है कि महिलाओं के मानसिक, शारीरिक और यौन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।