लॉकडाउन 4.0 में दी गई रियायतों में एनसीआर के अंदर आर्थिक गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। मगर अंतरराज्यीय आवाजाही में प्रतिबंध के चलते दिल्ली-एनसीआर के व्यापारियों और पेशेवरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
दिल्ली में कई बाजार ऑड ईवन आधार पर खुल रहे हैं, लेकिन मेट्रो और अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन पर रोक के चलते व्यापारियों को आवागमन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । दिल्ली-एनसीआर के कामगारों को सीमा पार करने में दैनिक आधार पर इस कठिनाई का सामना कर रहे हैं ।
इस हफ्ते की शुरुआत में, जब दिल्ली परिवहन निगम ने अपना परिचालन शुरू किया, तो कई बसें सीमा प्रतिबंध होने के कारण नहीं चल सकी। क्योंकि एनसीआर में रहने वाले ड्राइवर प्रतिबंध के कारण ड्यूटी पर नहीं आ सके थे।
कोरोनो वायरस के प्रसार की जांच करने के लिए पड़ोसी शहरों ने दिल्ली से लगी सीमाओं को सील कर रखा है। गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने आपात स्थिति, आवश्यक सेवाओं और प्रशासन द्वारा जारी पास प्राप्तकर्ताओं को आवाजाही की अनुमति दे रखी है। यही हाल गाजियाबाद का है। प्रशासन के मुताबिक यह कदम कोरोना वायरस फैलाव को रोकने के लिए लगाया है। क्योंकि दोनों जिलों में कोरोनो वायरस कई मामलों का फैलाव दिल्ली से हुआ है।
गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडे ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए ई-पास या अन्य मान्य पास वाले लोगों को हमेशा की तरह अनुमति दी जा रही है। पुलिस सीमाओं पर लोगों के पास की जांच कर रही है। किसी भी व्यक्ति को वैध पास के बिना गाजियाबाद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नोएडा सीमा पर तैनात दिल्ली के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यातायात दिन पर दिन बढ़ रहा है और वे केवल पास वाले लोगों को अनुमति दे रहे हैं। हालाकि, जिन लोगों को तत्काल आधार पर कार्यालय जाना है उन्हें बिना पास के भी अनुमति दी जा सकती है।
व्यापारियों ने कहा कि आवाजाही में रोक के फैसले ने नोएडा में कई दुकान और शोरूम मालिकों को प्रभावित किया है, क्योंकि वे दिल्ली में रहते हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार गुरुवार को गौतमबुद्धनगर में दुकानें ऑड ईवन फॉर्मूले के हिसाब से खुलीं। सामाजिक दूरी और स्वच्छता के नियमों का पालने करते हुए रेस्टोरेंट्स को होम डिलीवरी की अनुमति भी दी गई है।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) की दिल्ली-एनसीआर ईकाई के संयोजक सुशील कुमार जैन ने कहा कि कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें व्यापारी नोएडा या ग्रेटर नोएडा में रहते हैं और दिल्ली में उनकी दुकानें हैं। मगर बॉर्डर सील होने के कारण वे अपनी दुकानों पर पहुंचने में असमर्थ हैं।