भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी इस महारैली में शामिल हुए। उन्होंने इस महागठबंधन को अपना समर्थन देते हुए कहा, मेरा छोटा भाई दिल्ली का मुख्यंत्री अरविंद केजरीवाल बहुत दमदार है, साउथ के हीरो चंद्रबाबू जी और हमारी ममता दीदी के इस महागठबंधन को पूरा समर्थन देता हूं। देश को बचाना है, संविधान को बचाना है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुख अब्दुल्ला ने कहा, उस खून को याद करना चाहिए जो जलियावाला कांड में पड़ा था वो धर्म मे बांटा नहीं जा सकता। ना हिंदू का है और ना मुसलमान का, ये हर हिंदुस्तानी का भारत है।
शरद यादव ने मंच से बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने चुनाव को इस तरह का बना दिया है कि आज के समय में अगर लाल बहादुर शास्त्री और जयप्रकाश नारायण चुनाव में खड़े हों तो जीत नहीं पाएंगे। समय आ गया है कि बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। भारत को बचाने की जरूरत है।
आम आदमी पार्टी की महारैली में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा भी पहुंचे।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी मंच से मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा दिल्ली मेट्रो के किराए बढ़ाए गए, सीलिंग करके लोगों की रोजी रोटी छीन ली गई। मगर केंद्र सरकार अध्यादेश नहीं लाई। इसलिए मोदी सरकार को हटाना होगा।
आम आदमी पार्टी की महारैली से खबर आ रही है कि जैसे ही ममता बनर्जी स्टेज पर पहुंची वाम दल के नेता स्टेज छोड़कर वहां से चले गए। सीएम ममता के पहुंचते ही वहां गाना बजा, मोदी दिल्ली के लिए हानिकारक है।
इस वक्त जंतर पर केजरीवाल समेत विपक्ष के कई नेता पहुंच चुके हैं। इनमें पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, शरद यादव, सपा के रामगोपाल यादव और आरएलडी के त्रिलोक त्यागी, सीताराम येचुरी और डी राजा शामिल हैं। सीताराम येचुरी ने जाने से पहले जनता को संबोधित भी किया और संघ को शकुनी मामा कह दिया। उन्होंने कहा कि देश को बचाने की लड़ाई में हम साथ हैं। देश के स्वतंत्र धर्मनिरपेक्ष गणराज्य को बचाना है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं बेहतर देश को बचाने की कोशिश करें। महाभारत की लड़ाई में दुशासन और दुर्योधन की एक राजनीति थी, उस लड़ाई में कुरू वंश का नाश हो गया था। येचुरी ने आगे कहा कि भारत को बचाना है तो नागपुर में बैठे मामा जी को देश की सत्ता से अलग करना जरूरी है। येचुरी ने कहा कि एक तरफ तो सीएजी की रिपोर्ट ये कहती है कि राफेल की कीमतें कम हुईं लेकिन दूसरी तरफ वही सीएजी ये कह रही है कि राफेल पर बैंक गारंटी न देने की वजह से 41 फीसदी बढ़ गई। येचुरी ने कहा कि भाजपा कहती है कि हमारे पास पीएम मोदी हैं आपके पास कौन है तो हमारा जवाब है कि हमारे पास देश की जनता है। यह लड़ाई और देश की जनता और मोदी के बीच है। इस देश को नेता नहीं नीति चाहिए। देश के लिए जनहित की नीति बनानी होगी तो इस नेता को हटाना होगा। यह सरकार एजेंसी का दुरुपयोग विपक्षी दलों पर कर रही है।
"तानाशाही हटाओ-लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह" के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पहुंचे जंतर-मंतर। आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से 1 लाख लोगों के जुटने का दावा भी किया है।
जंतर-मंतर पर जुटने लगी भीड़
आम आदमी पार्टी की महारैली में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पर लोग जमा होना शुरू हो गए हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में भीड़ बढ़ने लगी है। जल्द ही बड़े नेता यहां पहुंचेंगे।
लोकसभा चुनाव(Lok Sabha Elections 2019) से पहले पूरा विपक्ष एकजुट होने और एकता दिखाने की कोशिश में लगा हुआ है। बंगाल के बाद आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) के नेतृत्व में महागठबंधन महारैली कर रहा है। आज केजरीवाल की अगुवाई में पूरा विपक्ष जंतर-मंतर पर मोदी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकेगा।
इस प्रदर्शन (Opposition Rally In Delhi) को आम आदमी पार्टी ने तानाशाही हटाओ, लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह नाम दिया है। इससे पहले आज ममता बनर्जी ने संसद के बाहर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने अन्य सांसदों के साथ में देश बचाने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ये संसद सत्र का आखिरी दिन है इसलिए हमने बापू से मोदी और भाजपा को हटाने और देश बचाने की प्रार्थना की है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री और आप के दिल्ली संयोजक गोपाल ने बताया कि आप की इस महारैली में कई दलों के नेता शामिल होंगे। इनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) नेता फारूक अब्दुल्ला और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद यादव प्रमुख हैं। गोपाल राय ने ये जानकारी भी दी कि समाजवादी पार्टी, द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल और अन्य पार्टियों के नेता भी इस महारैली को संबोधित करेंगे।
जब गोपाल राय से पूछा गया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस महारैली में आएंगे तो राय ने कहा कि राहुल को भी निमंत्रण भेजा गया है। हालांकि यह निश्चित नहीं है कि वह आएंगे या नहीं। राय ने ये भी जानकारी दी कि पिछले महीने बंगाल में हुई महारैली में जितने भी नेता सम्मिलित हुए थे उन सभी को निमंत्रण भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार आम चुनाव में कुछ महीने ही बचे रह गए हैं, ऐसे में यह रैली भाजपा और उसके राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगियों को चुनौती देने के वास्ते एक महागठबंधन बनाने के लिए विपक्षी नेताओं को साथ लाएगी।