भले ही इस बार पढ़ी-लिखी पंचायत मिले लेकिन राज्य में सबसे अधिक साक्षरता वाले गुड़गांव ने पिछली बार दसवीं से कम पढे़-लिखे 58 प्रतिशत जनप्रतिनिधि चुने। पिछली बार जिले में 202 सरपंच व 1818 पंचों का चुनाव हुआ।
इनमें 378 निरक्षर व 808 जनप्रतिनिधि दसवीं से कम पढ़े-लिखे रहे। कुल 2020 पंच-सरपंच बनाए गए थे। इनमें 1186 पदों पर ऐसे लोग चुनकर आए, जिन्होंने दसवीं पास ही नहीं की थी। करीब 58 प्रतिशत पंच-सरपंच ऐसे ही चुने गए।
पिछली बार जनता ने 15 अनपढ़ सरपंच बनाए। 90 सरपंच दसवीं पास नहीं थे। महज 35 प्रतिशत सरपंच दसवीं पास रहे। 23 सरपंच बारहवीं पास व 12 सरपंच बीए पास रहे। केवल तीन सरपंच पीजी डिग्री धारक रहे। इसमें से एक सरपंच वकील भी शामिल हैं।
पिछले 2010 के चुनाव में कुल 210 पंचायतें बनीं। इनमें 198 में चुनाव के जरिये पंचायतें चुनी गई। 12 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गई। कुल 1818 पंचों में से 852 पंच बिना वोटिंग के ही सहमति से चुन लिए गए।
ब्लॉक समिति के 86 पदों में 83 के लिए मतदान हुआ। 3 ब्लॉक समिति सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया गया। पिछले पंचायत चुनाव में कुल 28 लाख 627 मतदाता वोट डाले।
इनमें 88 प्रतिशत ने वोट का प्रयोग किया। 12 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव में भाग नहीं लिया। जिला परिषद के 20 वार्ड रहे। ऐसा कोई वार्ड नहीं रहा, जहां सर्वसम्मति से जिला पार्षद चुना गया हो। जिला परिषद को लेकर सबसे अधिक मारा मारी रही। चुनाव गहमागहमी का माहौल बना रहा।