कोरोना का टीका लेने और हरियाणा के मंत्री अनिल विज के संक्रमित होने के बाद तमाम तरह के सवाल खड़े हो चुके हैं। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि अनिल विज को टीका लगा था या फिर उसी जैसा कोई सामान्य तरल पदार्थ लेकिन उससे पहले कंपनी की ओर से बताया गया है कि अनिल विज की तरह करीब 130 लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं जिन्हें टीका लगाया गया हो।
देश में पहले स्वदेशी टीके पर अभी तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है। भारत बायोटेक कंपनी के स्वदेशी टीका कोवैक्सीन को लेकर 25 हजार से भी अधिक लोगों पर परीक्षण चल रहा है। इससे जुड़े दस्तावेजों में कंपनी ने स्पष्ट कहा है कि 130 वॉलंटियर कोरोना संक्रमित हो सकते हैं।
क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री-इंडिया (सीटीआरआई) में दाखिल दस्तावेजों में भारत बायोटेक ने बताया है कि टीका लगने के बाद भी कई लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। इस अनुमान को लेकर पहले ही विशेषज्ञों से सलाह ली जा चुकी है जिसके आधार पर परीक्षण की योजना बनाई गई है।
इतना ही नहीं कंपनी ने दस्तावेजों में यह भी लिखा है कि जब एकसाथ सभी संक्रमित केस दर्ज होंगे उसके बाद इनकी समीक्षा होगी। तभी सही स्थिति के बारे में पता चल सकेगा। इस आधार पर तय होगा कि परीक्षण में शामिल कितने वॉलंटियर्स का कितने समय तक फॉलोअप किया जाए।
हालांकि अनिल विज के कोरोना संक्रमित होने को लेकर कंपनी कह चुकी है कि उन्हें पहला डोज दिया था। जब तक दो डोज पूरी तरह से नहीं लग जाते तब तक संक्रमण से सुरक्षा का दावा नहीं किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार भारत बायोटेक की तरह अन्य कंपनियां भी तीसरे चरण के परीक्षण के दौरान इस मॉडल पर काम कर रही हैं। लगभग सभी कंपनियों के परीक्षण में टीके की पहली डोज लगने के बाद कुछ संक्रमित केस सामने आए हैं लेकिन उन्हें अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।़
भारत बायोटेक के डॉ. कृष्णन मोहन ने सीटीआरआई को दी जानकारी के अनुसार जब 130 लक्षण ग्रस्त मरीजों की जानकारी मिल जाएगी तो उसके बाद सुरक्षा को लेकर आगे की समीक्षा होगी। परीक्षण के दौरान आरटी पीसीआर जांच के जरिए संक्रमित लोगों की पहचान के बाद 14 दिन तक इनका फॉलोअप किया जाएगा। साथ ही इन्हें डोज और प्लैसबो के तहत परीक्षण में शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि 25800 लोगों पर परीक्षण में संक्रमित मिल सकते हैं।