इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच कॉरिडोर ऑफ लाइफ बनाया गया है। बुधवार को हुए ट्रायल में 15.5 किलोमीटर की दूरी महज 15 मिनट में तय की गई।
अंगदान दिवस के दिन ग्रीन कॉरिडोर के नाम शुरू इस परियोजना का मकसद मानव अंग प्रतिरोपण के लिए विमान से लाए गए अंगों को बिना जल्द से जल्द अस्पताल में मरीज को पहुंचाया जा सके।
दिल्ली और गुड़गांव पुलिस ने की अभियान की शुरूआत
फोर्टिस अस्पताल, दिल्ली पुलिस और गुड़गांव पुलिस ने मिलकर यह अभियान की शुरुआत की है। इसमें अस्पताल और दिल्ली व गुड़गांव यातायात पुलिस के बीच पूरा तालमेल बनाकर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह 11 बजे शुरू हुई और चार ट्रैफिक सिग्नल पार करते हुए सेक्टर-44 फोर्टिस अस्पताल पर पूरी हुई। तेजी से इस यात्रा की सुविधा के लिए सभी सिग्नल हरे रखे गए थे।
गुड़गांव पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल ने कहा कि मेडिकल हब के रूप में तब्दील हो चुके शहर के लिए यह जरूरी है। फोर्टिस अस्पताल के रीजनल डायरेक्टर डॉ. दिलप्रीत बरार ने कहा कि इससे पहले चेन्नई के लिए यह पहल की जा चुकी है। इस तरह की पहल से यहां भी मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
66 फीसदी लोग मानते हैं नहीं होगा सफल
फोर्टिस असपताल ने शहर में ग्रीन कॉरिडोर के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण भी किया था। इससे पता लगा कि इस 66 फीसदी सड़क यात्री मानते हैं कि दिल्ली एनसीआर ग्रीन कॉरिडोर को तैयार करने में पूरी तरह समर्थ नहीं हैं।
मगर, सर्वे में शामिल सभी लोगों ने कहा कि यह समय की मांग है। अगर उन्हें किसी की जान बचाने के लिए अंग ले जा रही एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकना पड़े तो बुरा नहीं लगेगा। 60 फीसदी लोगों ने आधा घंटा स्वीकार करने को भी कहा था।