- आरोपी ने पीड़िता को 18 सप्ताह तक गर्भवती रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने 2021 में अपनी 14 वर्षीय सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के जुर्म में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी के खिलाफ सजा पर बहस सुन रही थी। न्यायाधीश ने कहा कि दोषी को पूरा जीवन जेल में ही बिताना होगा। अदालत ने पीड़िता को 16.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। अदालत ने कहा कि इस राक्षसी कृत्य के लिए व्यक्ति से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। दोषी को अन्य लड़कियों के लिए खतरा बताते हुए अदालत ने कहा कि उसे यथासंभव लंबे समय तक समाज से बाहर रखा जाना चाहिए।
अदालत ने कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दोषी ने न केवल नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि उसने उसे लगभग 18 सप्ताह तक गर्भवती भी बनाए रखा। अदालत ने कहा कि यदि दोषी किसी छोटी बच्ची के साथ ऐसा जघन्य अपराध कर सकता है, जिसके साथ वह परिवार के सदस्य की तरह रह रहा है, तो वह समाज के लिए खतरा है। यदि उसे समाज का हिस्सा बनने का मौका दिया जाता है तो इससे दोषी के आसपास की नाबालिग लड़कियों को खतरा होगा।