कुुछ परियोजनाओं में नियमित योजना और अनुमान के कारण, निविदा स्वीकृत दरों की तुलना में प्रशासनिक अनुमोदन और तकनीकी स्वीकृति अत्यधिक दरों पर की जाती हैं। मुद्रास्फीति और दोषपूर्ण बजट आवंटन के कारण जनता के पैसों के इस्तेमाल सीमित कर दिया जाता है, जिसे दूसरी परियोजना में उपयोग किया जा सकता था।
एलजी ने दिए कई सुझाव
उपराज्यपाल ने सलाह दी थी कि विभिन्न परियोजनाओं के वार्षिक संचालन और रखरखाव के लिए एकल निविदा जारी होनी चाहिए। इससे निविदाओं और अनुबंधों की संख्या को कम किया जा सकता है। इससे न केवल कागजी प्रक्रिया कम होगी बल्कि समय की भी बचत होगी। गुणवत्ता की निगरानी भी जरूरी है और कार्यों में दक्षता के लिहाज से पहल किया जाना चाहिए। 30 सितंबर तक इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट कार्यालय को भेजी जाए।
उन्होंने निर्देश दिया है कि सिविल और इंजीनियरिंग परियोजनाओं की योजना, निष्पादन और निगरानी में जुटे अधिकारियों को तयशुदा नियमों का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए। गुणवत्ता से समझौता किए बगैर वित्त का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। अगर जरूरी हो तो प्रणाली की समीक्षा भी करनी चाहिए।
. विभागों और एजेंसियों को एक उपयुक्त निवारण तंत्र बनाना चाहिए ताकि गलतियां करने वालों पहचान कर जिम्मेवारियां तय की जा सके। कुशल कर्मियों की मदद से कार्यों को पूरा किया जाना चाहिए।