स्क्रीनिंग कमेटी ने अतिरिक्त लोक अभियोजक पद की पदोन्नति के लिए अनुमोदित 13 सहायक लोक अभियोजकों ने अनिवार्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और विजिलेंस की तरफ से भी हरी झंडी दे दी गई है।
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 13 सहायक लोक अभियोजकों की अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) के पद पर पदोन्नति को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद दिल्ली के अधीनस्थ न्यायपालिका के दैनिक काम में तेजी आएगी। दिल्ली में 17 नए न्यायालयों के निर्माण के बाद से मामलों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त लोक अभियोजकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा था।
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स्क्रीनिंग कमेटी ने अतिरिक्त लोक अभियोजक पद की पदोन्नति के लिए अनुमोदित 13 सहायक लोक अभियोजकों ने अनिवार्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और विजिलेंस की तरफ से भी हरी झंडी दे दी गई है। भर्ती नियमों के अनुसार, उन्होंने सहायक लोक अभियोजक के रूप में 6 वर्षों तक सेवा में रहने की आवश्यक पात्रता पूरी कर ली है।
पदोन्नति, फिलहाल तदर्थ आधार पर 6 महीने के लिए होगी या फिर यूपीएससी से नियमित आधार पर पद भरे जाने तक जो भी इनमें से पहले हो जाए। इसके साथ ही, अतिरिक्त लोक अभियोजकों के 31 रिक्त पदों को नियमित आधार पर भरने के लिए दिल्ली सरकार के गृह विभाग का एक प्रस्ताव यूपीएससी को प्रस्तुत किया गया है। उपराज्यपाल को सूचित किया गया था कि अतिरिक्त लोक अभियोजकों की कमी को देखते हुए और हाल ही में 17 नई अदालतों के निर्माण के कारण, सहायक लोक अभियोजक के फीडर ग्रेड पद से उपयुक्त अधिकारियों की तदर्थ पदोन्नति करना आवश्यक हो गया है।