पहले से ही प्रदेश सरकार से खफा चल रहे उद्यमियों की परेशानी अब नगर निगम
ने बढ़ा दी है। निगम ने उद्योग विहार की सैकड़ों इंडस्ट्रियल यूनिटों से
उसके टर्नओवर के आधार पर लाइसेंस फीस वसूलने का निर्णय लिया है।
इससे
उद्यमियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उनका
कहना है कि प्रदेश सरकार की कथनी और करनी में काफी फर्क है।
एक तरफ
उद्योगों के विकास की बात की जा रही है और दूसरी ओर उन्हें बैकफुट पर
धकेलने की कोशिश की जा रही है।
उद्योग विहार के उद्यमी अभी निगम के
कमर्शियल टैक्स नोटिस से अभी संभल नहीं पाए थे कि उन पर टर्नओवर पर लाइसेंस
फीस का बोझ डाल दिया गया।
उद्यमियों का कहना है कि इस बारे में नगर निगम
का नोटिस कुछ उद्यमियों को मिल चुका है। उद्योग विहार इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
के महासचिव एपी जैन ने बताया कि टर्नओवर के आधार पर लाइसेंस फीस वसूलने का
जो आदेश नगर निगम ने जारी किया है, वह ठीक नहीं है।
इससे उद्योगों की कमर
और टूट जाएगी। यह आदेश शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा द्वारा 16 सितंबर
2008 को जारी नोटिफिकेशन पर आधारित है।
इसका उद्योग विहार के सभी उद्यमियों
ने एक स्वर से पहले भी विरोध किया था और इस बार भी कर रहे हैं। उनका कहना
है कि प्रदेश सरकार ग्लोबल इंवेस्टर मीट कर विदेशी निवेश आकर्षित करना
चाहती है।
वहीं मौजूदा उद्योगों पर इस प्रकार का टैक्स लगाकर उनकी स्थिति
को खराब करने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा
इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के
चेयरमैन किशन कपूर ने कहा कि उद्योग पहले से ही 16 प्रकार के टैक्स दे रहे
हैं। उन पर नया टैक्स लगाना कहां का इंसाफ है।
उन्होंने
कहा कि ऐसे में टर्नओवर के आधार पर लाइसेंस फीस चुकाने का बोझ उद्यमियों
पर डालना काफी निराश करने वाला है। इसका विरोध किया जाएगा।
इस तरह वसूली जाएगी लाइसेंस फीस टर्नओवर--------------- लाइसेंस फीस (प्रति वर्ष रुपये में)50 हजार से अधिक------------------300 एक लाख रुपये से अधिक ----------40010 लाख से अधिक -----------------70025 लाख से अधिक ---------------120050 लाख से अधिक ---------------3000एक करोड़ से अधिक --------------5000पांच करोड़ से अधिक ----------- 1000010 करोड़ से अधिक ------------- 1500015 करोड़ से अधिक ------------- 1800020 करोड़ से अधिक -------------2100050 करोड़ से अधिक -------------40000100 करोड़ से अधिक ---------- 70000150 करोड़ से अधिक ---------- 100000
(नोट: 150 करोड़ के बाद प्रत्येक अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये टर्नओवर पर 3000 रुपये की दर से अतिरिक्त फीस चार्ज की जाएगी)
नगर
निगम वर्ष 2008 के नोटिफिकेशन के आधार पर उद्योग विहार की औद्योगिक
यूनिटों से टर्नओवर टैक्स लेगी। इसके लिए नोटिस देने का काम शुरू कर दिया
गया है।-इंद्रजीत कुलडिया, जोनल टैक्सेशन ऑफिसर, नगर निगम