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गैंगस्टर एनकाउंटर में गुड़गांव पुलिस ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

Wed, 17 Feb 2016 12:21 PM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
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गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर मामले में पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के बांबे हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुड़गांव पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को सुनवाई होनी है। इस फैसले पर दोनों पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
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इस मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ है। एनकाउंटर करने वाली टीम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाने पर अड़े गाड़ौली के परिजनों को गुड़गांव पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट जाकर झटका दे दिया है।

बताया जाता है कि मुंबई हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उसकी भनक किसी को नहीं लगी। गुड़गांव पुलिस ने मामले की जांच कर रही मुंबई की एसआईटी को सुप्रीम कोर्ट में जाने की जानकारी दे दी है।
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एसआईटी की ओर से बुधवार को सुनवाई के बाद मामला दर्ज करने का फैसला किया गया है। मुंबई पुलिस की मानें तो अगर बुधवार को पुलिस के हक में फैसला आता है तो एनकाउंटर करने वाली टीम के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा।

यदि मामले में स्थगन आदेश आता है तो मामला दर्ज होगा। सात फरवरी को अपराध शाखा की टीम ने अंधेरी ईस्ट स्थित एयरपोर्ट मेट्रो होटल में गाड़ौली का एनकाउंटर किया था।

एनकाउंटर के जाल में फंसी गुड़गांव पुलिस
हरियाणा पुलिस पहली बार एनकाउंटर के बाद इतने विवाद में घिरी है। करीब एक दशक में यहां चार एनकाउंटर हुए हैं, जिनमें से तीन मामलों में बदमाश को मारने वाले जवानों को बहादुरी का तमगा मिला है, लेकिन गाड़ौली के मामले ने पुलिस को बुरी तरह उलझा कर रख दिया है।

अपराधियों के एनकाउंटर के बाद टीम ने न्यायिक जांच का तो सामना किया है, लेकिन किसी भी सदस्य पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ। जांच से निकलने के बाद बहादुरी का पुरस्कार जरूर मिला।

गाड़ौली एनकाउंटर पुलिस के लिए अपने आप में नया अनुभव है। पुलिस को यह अंदाजा नहीं था कि यह मामला इतना उलझ जाएगा। आला अधिकारी इस पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। बस कानूनी दांव-पेच में उलझे हुए हैं।

एक पुलिस अधिकारी की मानें तो किसी भी अपराधी पर 36 मामले बहुत होते हैं। बहुत से मामलों में जबरन शपथ पत्र देकर मुकदमे खत्म कराए हैं। शायद इसीलिए पुलिस उसके पीछे पड़ी थी।

पूर्व डीजीपी ने की पुलिस की तारीफ
हरियाणा पुलिस के पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल ने गैंगस्टर संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर पर पुलिस की तारीफ की है। उनका कहना है कि पुलिस हमेशा कानून का सम्मान करती है।

उन्हें पूरा भरोसा है कि गुड़गांव पुलिस पूरे मामले में बेदाग होकर निकलेगी। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि शहर से इतनी दूर जा कर ऑपरेशन को सफल करना एक बहादुरी का काम है।

सिपाही को धमकाने वालों पर केस
खेड़कीदौला थाने में तैनात सिपाही ने तीन अज्ञात लोगों पर धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। सिपाही वीरेंद्र ने बताया कि कार सवार तीन युवकों ने उसे फोन कर बताया कि उनके पास 100 रुपये घूस लेने की फिल्म है।

15 लाख रुपया दे दो नहीं तो वह उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत शिकायत करेंगे। मामले की जानकारी थाना प्रभारी आनंद कुमार को दी गई। मोबाइल व वाहन संख्या के आधार पर तीन पर ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किया गया है।
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