साल 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की जाएगी। इस याचिका के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अभियोजन पक्ष को अपील दायर करने की अनुमति दी है। मामले में 12 आरोपियों को दिल्ली उच्च न्यायालय ने बरी करने का फैसला दिया था।
घटना में पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई इलाके में 8 लोग मारे गए थे और एक व्यक्ति घायल हो गया था। मामले में उपराज्यपाल ने एसएलपी को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव से संबंधित फाइल का अवलोकन किया। इसमें कहा गया कि उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता पर विचार नहीं किया और केवल अपील दायर करने में हुई अप्रत्याषित देरी के आधार पर राज्य की अपील को खारिज कर दिया।
उपराज्यपाल कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में 12 आरोपी मैकाले राम, रमेश चंद्र शर्मा, बिशनदत्त शर्मा, देस राज गोयल, अनार सिंह, जगदीश प्रसाद शर्मा, महावीर सिंह, बालकिशन, धर्मपाल, ओम पाल चौहान, ज्ञानप्रकाश और वेदप्रकाश हैं। वहीं मारे गए लोगों में अवतार सिंह, जागीर सिंह, दर्शन सिंह, कुलवंत सिंह, बलदेव सिंह, श्रवण सिंह, बलविंदर सिंह और हरचरण सिंह शामिल थे। धर्मेंद्र सिंह घायल हुए थे। घटना का केस नांगलोई पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। यह ‘राज्य बनाम मैकाले राम और अन्य’ शीर्षक से चल रहा है।