फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajendra Nagar Accident: ड्रेनेज प्लान और नालों की गाद को लेकर आमने-सामने एलजी व सरकार; बनाना था प्राधिकरण

Mon, 29 Jul 2024 10:58 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अधिकारियों ने एकीकृत प्राधिकरण बनाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा है कि फाइल मंत्री के पास लंबे समय से लंबित है। साथ ही कहा है कि प्राधिकरण बनता तो जलभराव की समस्या नहीं होती। वहीं सरकार ने कहा कि मुख्य सचिव ने गाद निकालने की जानकारी नहीं दी।
विज्ञापन
जलभराव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजेंद्र नगर में हुए हादसे के बाद ड्रेनेज प्लान और नालों की गाद निकालने को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। इस मामले में अधिकारियों ने दावा किया है कि जलभराव की रोकथाम के लिए ड्रेनेज प्लान बनाने के साथ नालों की गाद निकालने के लिए एकीकृत प्राधिकरण बनाना था। लेकिन यह फाइल लंबे समय से दिल्ली के मंत्री के पास लंबित है। इसके बनने से जलभराव न होता। वहीं दिल्ली सरकार का दावा है कि अधिकारी नालों की सफाई को लेकर रिपोर्ट साझा नहीं कर रहे। इसे लेकर दिल्ली के मुख्य सचिव की शिकायत गृह मंत्रालय को 21 जून को की गई थी। लेकिन अभी तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

विज्ञापन

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक ड्रेनेज प्लान, नालों की गाद निकालने के लिए एकीकृत प्राधिकरण की फाइल मंत्री सौरभ भारद्वाज के पास जुलाई से लंबित है। जुलाई 2023 में आई बाढ़ के बाद दिल्ली के मुख्य सचिव ने पिछले साल 23 जुलाई को सभी सरकारी विभाग, एजेंसियों की एक बैठक बुलाई। बैठक में विचार-विमर्श के बाद दिल्ली में नालों, सीवरेज, जल निकासी और गाद निकालने के तीन प्रभारी अधिकारियों की एक समिति बनाने का फैसला हुआ। इसमें दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ विभाग के प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ और दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था।

रखे गए यह प्रस्ताव
सात अगस्त 2023 को हुई बैठक में तीन प्रस्ताव रखे गए। इसमें दिल्ली के 18 नालों से गाद निकालने और रखरखाव के लिए एक प्राधिकरण बनाना था। इस प्राधिकरण का काम नालों से जल निकासी प्रबंधन को समेकित करना। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से दिल्ली के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान बनाना और बैराज का संचालन करना शामिल है।
 

यमुना नदी में गिरने वाले 18 नालों के लिए जल निकासी का होना है प्रबंधन
प्रस्ताव में सुझाव दिया गया था कि कॉलोनी के नाले अनिवार्य रूप से स्थानीय नगर निकाय के पास होने चाहिए। जल भराव की स्थिति को रोकने के लिए व्यापक अध्ययन कर जल निकासी के लिए मास्टर प्लान बनाया जा सकता है। नालों पर विशेष जोर देकर शहर में जलभराव की स्थिति को रोका जा सकता है।
 

हो सकती है दंडात्मक कार्रवाई
प्रस्ताव में कहा गया कि नालों पर अतिक्रमण को रोकने के लिए स्ट्रोम वाटर एंड ड्रेनेज एक्ट लाना होगा। इसके तहत नालों पर अतिक्रमण, इनमें निर्माण, अपशिष्ट, नगर पालिका ठोस अपशिष्ट और औद्योगिक अपशिष्ट डालने पर दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान होगा।
 
विज्ञापन

दिल्ली में नाले

विभाग             नालों की संख्या             नालों की लंबाई (किमी.)   प्रतिशत
पीडब्ल्यूडी             1375                         2064                            55.90
एमसीडी                 645                          520                              14.07
एनडीएमसी             261                          335                              9.07
डीडीए                    124                         251                               6.79
बाढ़ विभाग              57                           382                              10.34
डीएसआईआईडीसी  350                         98                                 2.65
डीसीबी                   33                           39                                 1.05
एनटीपीसी               1                             3                                    0.08
कुल                        2846                      3692
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें