बॉलीवुड की फिल्म ‘आर्टिकल-15’ के ट्रेलर में जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और ब्राह्मण समाज को गलत दिखाने का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने फिल्म निर्माता को लीगल नोटिस भेजा है।
सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि फिल्म की कहानी बदायूं में एक दलित लड़की से दुष्कर्म की असली घटना पर आधारित है, लेकिन फिल्म में कई लोगों के चरित्र दर्शाने में गड़बड़ियां की गई हैं।
फिल्म में ब्रह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। उन्होंने नोटिस में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेट, फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा, प्रोड्यूसर जी स्टूडियो, बनारस मीडिया वर्क्स को फिल्म से जातिसूचक शब्द हटाने और ब्राह्मण समाज की गलत छवि बनाने वाले दृश्य हटाने की मांग की है। यह मांगें न मानी गईं तो परिषद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी।