सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर घर में नजरबंद ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज से सोमवार रात एक बार फिर उनकी वकील वृंदा ग्रोवर मिलने पहुंचीं। सुधा भारद्वाज 6 सितंबर तक अपने घर में नजरबंद हैं। उनके घर में पुलिस का कड़ा पहरा है और चार महिला पुलिसकर्मी उनके घर में तैनात की गई हैं।
सुधा भारद्वाज को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मंगलवार 28 अगस्त को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें जिला अदालत में पेश कर पुणे ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। मगर उनके वकीलों में हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर अदालत ने उन्हें दो दिन घर में ही नजरबंद रखने के आदेश दिए।
मगर अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को छह सितंबर तक नजरबंद रखने के आदेश दिए थे। दिल्ली-फरीदाबाद सीमा पर बसे इरोज गार्डन के साउथ एंड अपार्टमेंट में रहने वाली सुधा के घर में चार महिला पुलिसकर्मियों की गार्द तैनात हैं। महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी बदल-बदल कर लगाया जा रहा है।
नजरबंदी के दौरान सोमवार रात को भी सुधा भारद्वाज की वकील वृंदा ग्रोवर उससे मिलने पहुंची थी। सुधा से मुलाकात कर थोड़ी देर बाद ही वह लौट गई। तीन दिन पहले भी वृंदा ग्रोवर सुधा भारद्वाज से मुलाकात करने पहुंची थी और दोनों में करीब एक घंटे तक केस पर चर्चा हुई थी।