फर्जी डिग्री मामले में घिरे दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के मुद्दे पर बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) दो फाड़ होती नजर आ रही है। काउंसिल ने 11 मई को पत्र लिखकर दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया था।
काउंसिल के 10 सदस्यों ने पत्र लिखकर अपना विरोध जताते हुए इस कदम को गलत ठहराया है। इन सदस्यों ने पुलिस उपायुक्त से इसकी जांच के लिए कहा है। इस गतिरोध के मद्देनजर काउंसिल ने 20 मई को सदस्यों की बैठक बुलाई है। बीसीडी पदाधिकारियों ने सदस्यों द्वारा पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है।
पत्र लिखने वाले सदस्यों का आरोप है कि बीसीडी कार्यकारिणी की बैठक में तोमर के वकील के आग्रह पर इस मामले में जवाब देने के लिए समय देने की सर्वसम्मति बनी थी। इसके मद्देनजर तोमर को 27 मई तक जवाब देने की मोहलत दी गई थी।