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मेट्रो में अंतिम डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित

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दिल्ली मेट्रो के सबसे पुराने रूट दिलशाद गार्डन से रिठाला के बीच चलने वाली रेड लाइन पर वापस लौटती ट्रेन में सबसे पहले की बजाय अब आखिरी डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।
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महिला यात्रियों की मांग व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी ने यह बदलाव किया है। नए नियम के तहत शनिवार से नई व्यवस्था के तहत आखिरी डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित होगा।

डीएमआरसी की सबसे पुरानी रेड लाइन पर दिलशाद गार्डन से चलकर रिठाला पहुंचने के बाद ट्रेन समाप्त हो जाती है। आने वाली ट्रेन जिस प्लेटफॉर्म पर समाप्त होती है, उसी से दोबारा रिठाला से दिलशाद गार्डन के लिए ट्रेन तैयार होती है।
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दिलशाद गार्डन की ओर से आने वाली ट्रेन का पहला डिब्बा, जोकि महिलाओं के आरक्षित होता था, वह प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद समाप्ति पर आखिरी बन जाता था। ऐसे में आरक्षित डिब्बे की महिलाओं को उतरने में दिक्कत आती थी।
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सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया कदम

क्योंकि पुरुष सहयात्रियों की भीड़ एकदम अंदर आने से उन्हें समस्या हो रही थी। दिल्ली मेट्रो ने महिलाओं की सुरक्षा व दिक्कत को देखते हुए पहले विशेष सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

डीएमआरसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कम्युनिकेशन अनुज दयाल के मुताबिक महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह बदलाव किया गया है।

दिल्ली मेट्रो में इससे पहले यह व्यवस्था बदरपुर से मंडी हाउस के बीच चलने वाली वायलेट लाइन और मुंडका से इंद्रलोक/कीर्तिनगर के बीच चलने वाली ग्रीन लाइन में भी बना रखी है।

बदरपुर की ओर से आने वाली ट्रेन में आखिरी डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित होता है। जबकि मंडी हाउस से बदरपुर की ओर जाने वाली ट्रेन में पहला डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित होता है।
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