फोरेंसिक साइंस लैब का उद्घाटन करते हुए डीजीपी
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डीजीपी ने शुक्रवार को गाजियाबाद के निवाड़ी में फोरेंसिक साइंस लैब के उद्घाटन के दौरान कहा कि अब बिसरा रिपोर्ट एक महीने के अंदर ही मिल जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस लैब के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अटकी हुई जांचों को तेजी से निस्तारण होगा और पुलिस की अपराधियों पर पकड़ और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि 64 करोड़ की लागत से बनी यह लैब एशिया में सबसे बड़ी है। लैब में डीएनए, नार्को समेत 16 टेस्ट होंगे।
डीजीपी ओपी सिंह ने मीडिया को बताया कि यह नौ मंजिला लैब चार साल में बनकर तैयार हुई है। बजट नहीं मिलने की वजह से लैब का काम एक साल लेट हो गया।
उन्होंने कहा कि इस लैब के बनने से आगरा और मुरादाबाद की लैब का भार कम होगा। नई लैबके बनने से मामलों की जांच का जल्द निस्तारण हो सकेगा। लैब का ए टावर बनकर तैयार हो चुका है। बी टावर में 17 करोड़ रुपये की लागत से काम होना है। उसके बाद नार्को टेस्ट शुरू हो जाएगा।
उद्घाटन करते हुए डीजीपी
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डीजीपी ने कहा कि इस अत्याधुनिक लैब में देश में सबसे अधिक टेस्ट होंगे। लैब में बिसरा की जांच रिपोर्ट एक महीने में ही तैयार हो जाएगी। पहले यह रिपोर्ट मिलने में तीन महीने से एक साल तक लग जाते थे।
लैब की रिपोर्ट आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने में पुलिस के लिए कारगर साबित होगी। दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे मामलों में भी पुलिस एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर सख्ती से पैरवी कर सकेगी और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिल सकेगी। उन्होंने मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए एसएसपी गाजियाबाद, नोएडा और सुल्तानपुर की तारीफ की।
ये टेस्ट हुए शुरू
डीएनए, बायोलॉजी, क्राइम सीन, हैंड राइटिंग, टॉक्सिकोलॉजी, रसायन और भौतिकी टेस्ट
दूसरे चरण में ये टेस्ट होंगे शुरू
नार्को टेस्ट, प्रीलॉजी, लाइ डिटेक्शन टेस्ट, ब्रेन मैपिंग, मेडिको लीगल, फोरेंसिक इंजीनियरिंग, बैलेस्टिक, एक्सप्लोसिव और कंप्यूटर फोरेंसिक टेस्ट