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इन्होंने पोती अथॉरिटी के नियमों पर कालिख

Fri, 14 Feb 2014 01:05 PM IST
एसएस अवस्थी/ अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा प्राधिकरण की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिस हिंडन नदी के सहारे की जमीन को लेकर रिवर ग्रीन फ्रंट कॉरिडोर और किसानों के लिए फार्म हाउस बनाने की योजना बनाई जा रही है, वहां पर भूमाफियाओं का खेल चल रहा है।
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प्राधिकरण के चेतावनी वाले बोर्डों पर कालिख पोत डाली गई। यही नहीं उन्हें उखाड़ कर फेंक भी दिया गया है। यहां ढेर सारे मकान बन चुके हैं और हजारों की संख्या में लोग रह भी रहे हैं । जगह जगह प्रॉपर्टी डीलरों की दुकानें खुल गईं हैं और प्लाटों पर तेजी से काम चल रहा है।

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दरअसल, नोएडा प्राधिकरण ने घोषणा की है कि छिजारिसी से लेकर कुलेसरा तक हिंडन के बांध को करीब 500 मीटर नदी की तरफ खिसकाकर सिंचाई विभाग से जमीन ली जाएगी। इसके लिए मेरठ से लेकर लखनऊ सिंचाई विभाग को पत्र भी लिखा जा चुका है।
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इससे प्राधिकरण को करीब 600 एकड़ जमीन मिल जाएगी। वहां हरित क्षेत्र के साथ साथ उन किसानों को फार्म हाउस दिए जाएंगे जिनकी जमीन प्राधिकरण ने अधिग्रहीत की है। ऐसा होने से किसानों का पुश्तैनी काम भी चलता रहेगा। किसान वहां पर निर्माण नहीं कर सकेंगे बल्कि फसल और सब्जियां उगाने में ही जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा।

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दूध की डेयरी खुलने से किसानों को रोजगार मिल जाएगा और क्षेत्र के लोगों को ताजा दूध भी उपलब्ध हो सकेगा। प्राधिकरण की मंशा है कि पूरी योजना को अंतिम रूप देने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों से भी मदद ली जाएगी है ताकि हिंडन नदी का किनारा सैर सपाटे के लिए भी उपलब्ध हो सके।

अब डूब क्षेत्र है निशाने पर
नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में अब जमीन नहीं बची है। सिर्फ हिंडन और यमुना नदी के किनारे डूब क्षेत्र में ही जमीन बची हुई है। वहां पर भूमाफियाओं ने नजर गड़ा दी है। तेजी से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं और चंद माह में ही पूरा क्षेत्र मकानों से पट जाएगा। इसके बाद मकानों को गिराना प्राधिकरण के लिए काफी कठिन काम होगा।

सस्ते के चक्कर में फंस रहे लोग
सस्ते के चक्कर में लाग फंस रहे हैं और अपनी जीवन भर की कमाई लगा रहे हैं। भूमाफिया चालाकी कर प्लाटों को खुद नहीं खरीद रहे हैं बल्कि वे किसान से सौदा कर लेते हैं और रजिस्ट्री भी किसानों से ही कराते हैं और बीच में दलाली का मोटा पैसा हजम कर रहे हैं। इस प्रकार कानून के शिकंजे से वह बच रहे हैं।
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