इससे पूर्व मामला राजस्व कोर्ट में भी चला था। तब एसडीएम कोर्ट ने सिहानी गेट थाने में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो अगस्त 2005 में मामला सीबीआई में ट्रांसफर हुआ था। इस मामले में सीबीआई की ओर से वर्ष 2008 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। तब से मामला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी की अदालत में विचाराधीन है। सोमवार को सुनवाई के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने संजीव तिवारी को दोषी करार दिया है। मंगलवार को अदालत में उसकी सजा पर बहस होगी।
मामले में आरोपी मोती गोयल की बीते दिनों गौतमबुद्धनगर में हत्या हो चुकी है। इसके बाद उसका नाम अवेट कर दिया गया। हत्या के दिन मोती गोयल सीबीआई कोर्ट में पेश हुआ था और इसके बाद गौतमबुद्धनगर में गया था। वहां उसकी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।
अब 1000 करोड़ की है कब्जाई गई जमीन की कीमत
वर्ष 2005 में राजस्व कोर्ट में मामला चल रहा था तो राजस्व विभाग ने जमीन की कीमत का आकलन कराया था। तब 52 हेक्टेयर जमीन की कीमत 520 करोड़ रुपये आंकी गई थी। मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत 1000 करोड़ से ज्यादा की बताई जा रही है।