पति की मौत के बाद आम्रपाली बिल्डर से लाख मिन्नतें करने के बाद भी वर्षा टंडन की किस्तें माफ नहीं हो पाई थीं। बिल्डर ने किस्त माफ करना तो दूर लेट फाइन तक लगा दिया। किस्त चुकाने के लिए वर्षा को अपने गहने तक बेचने पड़े। पैसे चुकाने और परिवार चलाने के लिए उनको कॉल सेंटर में काम करना पड़ रहा है। लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हो पाया।
उसका घर अब तक नहीं मिल पाया है। वर्षा टंडन के पति पुनीत टंडन बीएमडब्ल्यू में सेल्स मैनेजर थे। उन्होंने ट्रांसफर केस के माध्यम से 2011 में आम्रपाली ड्रीम वैली में 10 लाख रुपये कीमत के एक बेडरूम के फ्लैट में निवेश किया। सब कुछ अच्छा चल रहा था। तभी उनके पति की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। उस समय उनकी बेटी दो वर्ष की थी।
पति की मौत के बाद वह अपने पिता के घर जनकपुरी के किराये के मकान में चली आईं। यहां वह कॉल सेंटर में नौकरी कर परिवार का गुजारा चलाने लगी। तभी आम्रपाली की ओर से उनको दो किस्तों में तीन लाख रुपये की मांग की गई। उन्होंने बिल्डर और उनके प्रबंधकों से मिन्नतें की। पति का डेथ सर्टिफिकेट भी दिखाया। लेकिन बिल्डर और प्रबंधक नहीं माने और किस्तें जमा कराने को कहा।
इसके बाद वर्षा ने अपने पूरे गहने बेचकर तीन लाख रुपये की किस्त चुका कर अपना फ्लैट बचाया क्योंकि बिल्डर फ्लैट कैंसल करने की धमकी दे रहा था और उनका सोचना यह था कि अगर फ्लैट मिल जाता है तो अपने माता-पिता और बेटी के साथ किराये के घर को छोड़कर अपने घर में रहेंगे।