एनआरएचएम घोटाला प्रकरण के एक और मामले में सीबीआई ने चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है। मामला जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश के 300 अस्पतालों के लिए खरीदे जाने वाले फर्नीचर और मेडिकल उपकरणों से संबंधित है।
खरीद-फरोख्त का यह ठेका लैकफेड को दिया गया था। सीबीआई ने लैकफेड के पूर्व एमडी बीपी सिंह समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया है।
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक वीके शर्मा के अनुसार वर्ष 2010-11 के दौरान लैकफेड के माध्यम से 10.30 करोड़ के एनआरएचएम बजट से अलमीरा, बैडशीट, गद्दे, टुल्लू पंप, साइनबोर्ड, वॉल पेंटिंग, कंबल, तकिए, इमरजेंसी लालटेन, वेइंग मशीन, बीपी उपकरण और बेंच आदि की खरीद-फरोख्त की गई थी।
सीबीआई ने 14 जनवरी 2013 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। लैकफेड के पूर्व एमडी बीपी सिंह, चीफ इंजीनियर जीएस श्रीवास्तव, पीआरओ प्रदीप सिंह राठौर, एकाउंटेंट अनिल कुमार अग्रवाल, जीएम (प्रशासन) पंकज त्रिपाठी, पीएनबी लालबाग, लखनऊ के सीनियर मैनेजर दीपक दवे, फोरम चेयरमैन सुशील कुमार कटियार के अलावा बीबी इंटरप्राइजेज लखनऊ के तीन पार्टनर अमिताभ श्रीवास्तव, जगमग श्रीवास्तव और अंशुल श्रीवास्तव के खिलाफ सीबीआई ने गाजियाबाद विशेष सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है।