केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद अब बैंकों का खजाना खाली हो रहा है। बीते चार दिनों में मांग के बदले 10 फीसदी नोट की पूर्ति में कमी होने से सभी बैंकों का अर्थशास्त्र बिगड़ने लगा है। बैंकों के पास लोगों को पैसे अदला-बदली करने और देने के लिए पैसे नहीं बचे हैं।
कई शाखाओं के बाहर नो-कैश का नोटिस चस्पा दिया गया है। जिले के 715 बैंक शाखाओं की जरूरत के मुकाबले केवल 12.19 फीसदी रकम की पूर्ति हो रही है। जबकि बीते शुक्रवार को यह पूर्ति 22 फीसदी हो रही थी।
साइबर सिटी में 44 राष्ट्रीय और निजी बैंकों की 715 शाखाएं हैं। मौजूदा हालत में इन बैंकों को 4528 करोड़ रुपये रोजाना जरूरत है, लेकिन इसके मुकाबले 552 करोड़ रुपये की पूर्ति हो रही थी।
जबकि बीते शुक्रवार तक जिले के बैंकों को रोजाना 976 करोड़ रुपये की आपूर्ति हो रही थी। बैंक अधिकारियों के मुताबिक नए नोट नहीं आने के कारण मांग और आपूर्ति में भारी कमी आ गई है।
गुरुग्राम में छह बैंक एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के करेंसी चेस्ट गुरुग्राम में हैं, लेकिन उनके पास भी नए नोटों की मांग और आपूर्ति मेें भारी कमी है।