सम विषम फॉर्मूला के पहले फेज की सफलता के बाद दिल्ली सरकार ने दूसरे फेज (15-30 अप्रैल) की घोषणा कर दी है। मगर सरकार की अब तक की तैयारी और जमीनी हकीकत बस से सफर करने वाले यात्रियों की मुसीबत बढ़ा सकती है।
सरकार ने घोषणा की है कि वह स्कूल में चलने वाली बसें नहीं लेगी। यही नहीं डीटीसी की जो बसें स्कूल में सेवाएं देती है उसे भी जारी रखेंगे। ऐसे में पहले से डीटीसी के बाड़े में कम बसें होने के बाद यह फैसला मुश्किल बढ़ा सकता है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि सम विषम के दौरान पर्यावरण सेवा में अतिरिक्त बसें स्कूलों से लेने के बजाए अनुबंध परमिट वाली बसें ही लेंगे। इसके लिए 28 तारीख से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा।
मगर दिल्ली अनुबंध परमिट एसोसिएशन सरकार के रवैए से नाराज है। उनका आरोप है कि पहले फेज में ही जो अनुबंध परमिट की 978 बसें चली थी उनका पेमेंट कई बार चक्कर लगाने के बाद मिला। उस 978 में से 288 बसें 15 साल पुरानी होने के बाद बाहर हो जाएगी।