श्रम कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान सिसोदिया ने पाया कि क्लेम ब्रांच में डायरी व डिस्पैच रजिस्टर अपडेट नहीं था। साथ ही उन्होंने कार्यालय के फाइलों व कंप्यूटर डाटा की भी जांच की, जिसमें अनियमितता पाई गई।
श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को अशोक विहार स्थित जिला श्रम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर मंत्री ने विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ शिकायतों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर मंत्री ने प्रबंधक सहित चार कर्मियों को बर्खास्त करने और उनपर त्वरित करवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुपरवाईजरी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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श्रम कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान सिसोदिया ने पाया कि क्लेम ब्रांच में डायरी व डिस्पैच रजिस्टर अपडेट नहीं था। साथ ही उन्होंने कार्यालय के फाइलों व कंप्यूटर डाटा की भी जांच की, जिसमें अनियमितता पाई गई। फाइलों की जांच के दौरान सिसोदिया ने फाइल में लाभार्थियों के दिए गए फोन नंबर पर कॉल कर उनसे क्लेम आवेदन के स्टेटस की जांच की। इस दौरान कई नंबर गलत निकले। इस पर सवाल करने पर वहां मौजूद अधिकारियों की ओर से कोई संतोषजनक जबाब नहीं मिला। इसको देखते हुए श्रम मंत्री ने कार्यालय के प्रबंधक, डीलिंग सहायक सहित चार कर्मियों को बर्खास्त करने और जरुरी करवाई करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने श्रम अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को समुचित लाभ देने संबंधी सभी काम समय पर किए जाए। सिसोदिया ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार ने जब निर्माण श्रमिकों के कल्याण की योजनाएं बनाई है, तो इनका लाभ सभी योग्य लोगों को मिलना चाहिए। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में वर्तमान में लगभग 10 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर निर्माण श्रमिक तक दिल्ली सरकार की कल्याणकारी योजनाएं पहुंचे।