दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास का मिश्रा के सनसनीखेज आरोपों पर विश्वास नहीं है। मिश्रा के आरोपों पर विश्वास को यकीन नहीं है कि अरविंद केजरीवाल रिश्वत ले सकते हैं। हालंकि, विश्वास का कहना है कि मिश्रा के पास अगर सबूत हैं तो उसे सार्वजनिक करना चाहिये।
वहीं, बीते दिनों विश्वास के घर पर साथ बैठने वाले दूसरे विधायक भी मिश्रा के आरोपों को सही नहीं मान रहे हैं। इससे सियासी हलके में मिश्रा के अलग-थलग पड़ने की बात चल रही है। लेकिन माना यह भी जा रहा है कि विश्वास ने रणनीतिक तौर पर मिश्रा के आरोपों से किनारा कर लिया हो।
आप नेता कुमार विश्वास ने कहा कि केजरीवाल 12 साल पुराने दोस्त हैं। उनके घोर विरोधी भी यह सोच नहीं सकते कि वह रिश्वतखोरी करेंगे। हालांकि, कुमार विश्वास ने इस दौरान केजरीवाल की पुरानी बात दोहराई जिसमें वह कहते थे कि यदि सिसोदिया भ्रष्टाचार करें तो सब मिलकर उन्हें बाहर निकाल देंगे और यदि वह खुद भ्रष्टाचार करें तो उन्हें बाहर निकाला जाये। कुमार विश्वास ने कहा कि अगर कपिल मिश्रा को कोई सबूत हैं तो उसे पेश करना चाहिये।
कुमार विश्वास ने बताया कि सत्येंद्र जैन से कहा गया है कि वह पीएसी में दस्तावेजों के साथ और सबके सामने सच रखें। मीडिया में राजनीतिक अजेंडे पर बात हो सकती है, लेकिन निजी आरोपों पर बात नहीं हो सकती। कपिल हों या अमानतुल्लाह खान, किसी को भी मीडिया से पहले पार्टी फोरम पर अपनी बात रखनी चाहिए थी।
उधर, विश्वास का बयान आने के बाद कपिल मिश्रा ने कहा कि अगले दस दिनों में जब सत्येंद्र जैन जेल जाएंगे तो सबको यकीन भी जायेगा। हालांकि, कुमार विश्वास के बयान के सिसायी मतलब भी निकाले जा रहे हैं। एक तरफ वह केजरीवाल को अपने उस पुराने बयान की याद दिला रहे हैं, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप में फंसने पर उन्होंने खुद को पार्टी से निकालने की बात कही थी।
कपिल मिश्रा अगर कोई प्रमाण पेश करते हैं तो वह मजबूती से पार्टी के अंदर व बाहर अपनी बात रख सकेंगे। वहीं, इससे वह पार्टी फोरम पर सत्येन्द्र जैन पर लग रहे आरोपों को वह जोर-शोर से उठा सकेंगे। इसके अलावा सबसे अहम यह कि इससे कार्यकर्ताओं में संदेश जायेगा कि मुश्किल वक्त में उन्होंने केजरीवाल का साथ नहीं छोड़ा।