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मोदी के PM बनने से विश्वास क्यों खुश हैं?

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लोकसभा चुनावों के परिणाम आने के ठीक बाद दिल्ली विधानसभा में अप्रत्याशित प्रदर्शन कर राष्ट्रीय राजनीति पटल पर जगह बनाने वाली आम आदमी पार्टी का तेजी से पतन शुरू हो गया है।
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बीते शनिवार को पार्टी की प्रमुख नेता शाजिया इल्मी के इस्तीफा देने बाद अब तक दो और नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है।

गौरतलब है कि शाजिया इल्मी और कुमार विश्वास काफी करीबी बताए जाते हैं, लोकसभा चुनावों के दौरान जब पार्टी नये लोगों को बड़ी जिम्मेदारियां दे रही थी, तो दोनों ने एक साथ विरोध किया था। ऐसे में कुमार विश्वास की ओर से मोदी को दी गई बधाई का कुछ और ही मतलब निकाला जा रहा है।

तेरा वैभव अमर रहे मोदी!

कुमार विश्वास ने सोमवार को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद कुमार विश्वास ने सोशल नेटवर्किंग सा‌इटों के जरिए बधाई दी।

कुमार विश्वास ने फेसबुक और ट्विटर पर मोदी की शपथ लेती हुई फोटो शेयर करने के साथ लिखा, 'बधाई! भारत भर को! "तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें"।' उनके यह लिखते ही सोशल मीडिया में धमाल सा मच गया।

कुमार के इस ट्वीट और फेसबुक अपडेट को लाखों की तादाद में लोगों ने पढ़ा और अपने दोस्तों को शेयर करने साथ अपने विचार भी दिए। जिनमें अधिकतर लोगों ने कुमार के ‌बीजेपी में शामिल होने की आशंका जताई।

पुराने बीजेपी समर्थक हैं कुमार विश्वास

वक्त-बेवक्त कुमार विश्वास के बीजेपी में शामिल होने की खबरें आती रही हैं। एक बार राजनाथ सिंह की ओर से कुमार विश्वास को बीजेपी ज्वाइन करने के निमत्रण मिलने की भी चर्चा थी।

गौरतलब है कि कुमार विश्वास, अटल विहारी बाजपेयी की राजनतिक प्रेरणा से प्ररित हैं और उन्हें लंबे अर्से तक बीजेपी समर्थक के तौर पर देखा जाता रहा है।

ऐसे में उनके मोदी को इस तरह से बधाई देने पर राजनीति गलियारे में उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चाओं को ग्रीन सिग्नल माना जा रहा है।

पार्टी से बना ली है दूरी

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल कई दिनों से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी के अन्य नेता योगेंद्र यादव, गोपाल राय, संजय सिंह आदि कानून की लड़ाई को राजनीतिक धार देने में जुटे हैं।

लेकिन पार्टी के मुखर चेहरे कुमार विश्वास और शाजिया इल्मी की गैरमौजूदगी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म था। ऐसे में शाजिया ने तो आप छोड़ने की घोषणा कर दी। इससे मामला और गर्मा गया। अब कुमार विश्वास के संकेत से पार्टी सकते में है।

हालां‌कि बीते शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में हुई केजरीवाल पर सुनवाई के दौरान कुमार ‌विश्वास दिखाई दिए थे, पर इस बार केजरीवाल की गिरफ्तारी मामले से वह कटे-कटे नजर आ रहे हैं।
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ऐसे वक्त पर केजरीवाल जेल में

इस समय चुनाव परिणामों के बाद आप में आए भूचाल को संभालने वाला भी गैरमौजूद है। गौरतलब है आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर आरोपों को लेकर हुए मानहानि केस में जेल काट रहे हैं।

उनकी गैरमौजूदगी में ही प्रमुख आप नेता शाजिया इल्मी ने पार्टी ने पार्टी छोड़ी थी। केजरीवाल की गैरमौजूदगी में पार्टी को संभालने की जिम्मेदारी योगेंद्र यादव और अन्य प्रमुख नेताओं की रहती है।

लेकिन योगेंद्र यादव शाजिया को मनाने में असफल रहे थे। शाजिया के जाने वैसे ही पार्टी काफी कमजोर हो गई है, अगर अब कुमार विश्वास भी पार्टी से अलग होने का मन बनाते हैं तो आप बेहद कमजोर जाएगी। ऐसे में केजरीवाल भी जेल में हैं, कुमार को भी समझाने वाला कोई नहीं है।
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