फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली-पंजाब नॉलेज शेयरिंग अग्रीमेंट: केजरीवाल-मान ने किया साइन, जानिए क्या है इसके पीछे का मकसद

Tue, 26 Apr 2022 01:04 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस अग्रीमेंट के पीछे मकसद है कि दोनों प्रदेश जिन भी क्षेत्रों में बेहतर कर रहे हैं उससे आकर दूसरे राज्य की सरकार सीखे और अपने प्रदेश में उस तकनीक को अप्लाई करें।
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दो दिन के दिल्ली दौरे पर हैं जिसके दूसरे दिन यानी मंगलवार (26 अप्रैल) को दोनों सराकरों ने एक नॉलेज शेयरिंग अग्रीमेंट पर साइन किया है।

विज्ञापन


इस अग्रीमेंट के तहत दोनों सरकारें एक-दूसरे से हर क्षेत्र में ज्ञान को साझा करेंगी। इसके पीछे मकसद है कि दोनों प्रदेश जिन भी क्षेत्रों में बेहतर कर रहे हैं उससे आकर दूसरे राज्य की सरकार सीखे और अपने प्रदेश में उस तकनीक को अप्लाई करें। इसके तहत हेल्थ, एजुकेशन और बिजली व अन्य क्षेत्रों में ज्ञान का आदान-प्रदान होगा।

दोनों सरकारें एक दूसरे से सीखकर करेंगी कामः केजरीवाल

इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह अपनी तरह का अनोखा अग्रीमेंट होगा जिसे दिल्ली और पंजाब की सरकारों ने साइन किया है। हम ऐसा नहीं कहते कि सिर्फ हमने ही अच्छा काम किया है। अपने अपने समय पर कई राज्यों ने अच्छा काम किया लेकिन हमसे एक चूक हो गई, कि हमने उनसे सीखा नहीं।

केजरीवाल ने कहा कि, हमने ये अग्रीमेंट इसलिए साइन किया है कि हम एक-दूसरे से सीखकर काम करेंगे तो हम सभी के लिए अच्छा होगा। भगवंत मान कल से दिल्ली के दौरे पर हैं, उन्होंने यहां स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक और अस्पताल देखे। अब यहां उन्हें जो अच्छा लगा वो पंजाब में लागू करेंगे। पंजाब में भी कई अच्छे काम हुए हैं जिन्हें हम लागू करेंगे और आगे भी पंजाब में अच्छे काम होंगे जिनसे हम जरूर सीखेंगे।

हमेशा स्टूडेंट रहना चाहिए, सीखने के लिए तैयार: भगवंत मान

भगवंत मान ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि हर इंसान को स्टूडेंट रहना चाहिए, सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैं सीएम बनने से पहले दुनिया के कई देशों में घूमा लेकिन जो आत्मविश्वास दिल्ली के बच्चों में देखा वही हम पंजाब के बच्चों में भी देखना चाहते हैं। मान बोले, पंजाब में 19 हजार के आसपास स्कूल हैं और 23 लाख के करीब बच्चे हैं।

विज्ञापन


पंजाब सीएम बोले कि हमारे पास स्कूलों और पंचायत की जमीन बहुत ज्यादा मात्रा में है, जिससे हम बड़े-बड़े स्कूलों के साथ ही उनमें बड़े प्ले ग्राउंड बना सकते हैं। पहले पंजाब खेलों के लिए जाना जाता था लेकिन सरकारों ने इनका हाल खराब कर दिया।

मान ने कहा कि पंजाब के अस्पतालों की हालत भी बहुत खराब है। कोरोना के वक्त जब मैं वेंटिलेटर आदि देना चाहते थे तो अस्पताल स्टाफ की कमी बताकर लेने से मना कर देते थे। लेकिन हमने कल दिल्ली के अस्पताल देखे जो बेहतरीन हैं और कोई भी आकर यहां इलाज करा सकता है। हमारा भी वादा है पंजाब की जनता से कि ऐसे ही अच्छे अस्पताल उन्हें देंगे।

सीएम मान ने कहा कि यह ऐसा अग्रीमेंट है कि अगर पंजाब सरकार कृषि के क्षेत्र में कुछ अच्छा कर रही है तो दिल्ली सरकार के अधिकारी और मंत्री वहां से सीख सकते हैं। हमारा मकसद है 'पंजाब को दोबारा पंजाब बनाना'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें